Modi in Slovakia: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक स्लोवाकिया यात्रा (Slovakia Visit 2026) का दूसरा दिन न सिर्फ कूटनीतिक रूप से बेहद सफल रहा, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी भारत का डंका दुनिया भर में बजा गया. राजधानी ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से बेहद गर्मजोशी और दोस्ताना माहौल में मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने उनकी खुलकर तारीफ की.
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पेलेग्रिनी की गहरी समझ और वैश्विक विचारों को बेहद प्रेरणात्मक और कीमती बताया. इसके साथ ही, इस मुलाकात के दौरान ब्रातिस्लावा के प्रेसिडेंशियल पैलेस में एक बेहद खूबसूरत ‘बनारस कनेक्शन’ भी देखने को मिला, जिसने हर भारतीय का दिल जीत लिया.
सोशल मीडिया पर छलका दोनों नेताओं का प्यार
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी की जमकर सराहना करते हुए लिखा कि राष्ट्रपति पेलेग्रिनी, आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई. मुझे बेहद खुशी है कि हम इस साल फरवरी में नई दिल्ली की आपकी यात्रा के दौरान शुरू हुई खुली और दोस्ताना बातचीत को आगे बढ़ा पाए. आपकी समझ और विचार हमेशा बहुत प्रेरणा देने वाले और मूल्यवान होते हैं.
वहीं, स्लोवाक राष्ट्रपति ने भी पीएम मोदी के साथ अपने मजबूत और आत्मीय संबंधों पर जोर देते हुए इस मुलाकात को दोनों देशों के लिए एक नया मील का पत्थर बताया.
दोनों नेताओं ने देखी अद्भुत पेंटिंग प्रदर्शनी
इस मुलाक़ात का सबसे दिलचस्प और भावुक पल तब आया, जब दोनों नेताओं ने एक विशेष पेंटिंग प्रदर्शनी देखी. पीएम मोदी ने इस पल को साझा करते हुए लिखा कि ब्रातिस्लावा में बनारस का कनेक्शन! कल प्रेसिडेंशियल पैलेस में राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और मैंने वाराणसी (काशी) पर आधारित एक बेहद दिलचस्प प्रदर्शनी देखी. इसमें हाल ही में बनारस घूमकर आए स्लोवाक कलाकारों का शानदार काम शामिल था. कला और संस्कृति में सच में लोगों को करीब लाने की एक अनोखी काबिलियत होती है.
डॉ. रॉबर्ट गैफ्रिक से मिले पीएम मोदी
भारत की आध्यात्मिक ताकत को सलाम करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रातिस्लावा में डॉ. रॉबर्ट गैफ्रिक से भी विशेष मुलाकात की. डॉ. गैफ्रिक ने भारतीय उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद करने के ऐतिहासिक प्रयास का नेतृत्व किया है. पीएम मोदी ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिकता के लिए उनका यह जुनून वाकई काबिले-तारीफ है.
रचा गया भविष्य का चक्रव्यूह
इस हाई-लेवल दौरे पर दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की भी बेहद गंभीर बातचीत हुई, जिसमें भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री विशेष रूप से मौजूद रहे. विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, दोनों देशों ने डिजिटलाइजेशन, मैन्युफैक्चरिंग, ट्रांसपोर्ट, इनोवेशन, ग्रीन एनर्जी, बायोफ्यूल, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और शिक्षा जैसे बेहद रणनीतिक क्षेत्रों में मिलकर आगे बढ़ने और अपनी ऐतिहासिक साझेदारी को एक नए रॉकेट जैसी रफ्तार देने का संकल्प लिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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