Bharat Express DD Free Dish

पीएम मोदी ने विश्व कौशल प्रतियोगिता शंघाई 2026 में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले देश के युवाओं से की मुलाकात, किया उत्साहवर्धन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 22 से 27 सितंबर 2026 तक चीन के शंघाई में आयोजित ‘विश्व कौशल प्रतियोगिता 2026’ में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले देश के युवाओं से नई दिल्ली स्थित 7, लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात की, जहां प्रधानमंत्री ने उनका अभिनंदन और उत्साहवर्धन किया.

भारत के हुनरमंद युवाओं ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है. चीन के शंघाई में आयोजित वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय प्रतिभागियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात की. शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग पर पहुंचे इन युवाओं का प्रधानमंत्री ने स्वागत किया और उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनका हौसला बढ़ाया.

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी इन प्रतिभाशाली युवाओं की तारीफ की. इंस्टाग्राम पर साझा की गई पोस्ट में उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. वहीं, फेसबुक पर उन्होंने प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले युवा साथियों का अभिनंदन किया. पीएम मोदी की इस मुलाकात को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले युवाओं के सम्मान और प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है.

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 6 रजत पदक और 20 उत्कृष्टता पदक हासिल किए. इस उपलब्धि के साथ भारतीय दल ने दुनिया भर में 10वां स्थान प्राप्त किया.

भारत के लिए यह नतीजा इसलिए भी खास है, क्योंकि इससे पहले 2024 में फ्रांस के ल्योन में आयोजित वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में देश 13वें स्थान पर रहा था. उस दौरान भारतीय प्रतिभागियों ने 4 कांस्य पदक और 12 उत्कृष्टता पदक जीते थे. इस बार बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारतीय युवाओं ने दिखाया कि तकनीकी शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और हुनर के क्षेत्र में देश लगातार आगे बढ़ रहा है.

70 देशों के 1,400 से ज्यादा प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता का 48वां संस्करण 22 से 27 सितंबर 2026 तक चीन के शंघाई स्थित नेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया. छह दिन तक चले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में करीब 70 देशों और क्षेत्रों के 1,400 से अधिक युवा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.

भारत ने इस बार अपना अब तक का सबसे बड़ा दल प्रतियोगिता में उतारा. देश की ओर से 70 प्रतियोगियों ने अलग-अलग कौशल श्रेणियों में अपनी प्रतिभा दिखाई. इन युवाओं ने कुल 63 कौशल क्षेत्रों में हिस्सा लिया, जिनमें उभरती तकनीक, आधुनिक विनिर्माण, इंजीनियरिंग, रचनात्मक उद्योग और विशेष सेवाओं जैसे क्षेत्र शामिल थे.

इस प्रतियोगिता में सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि काम करने की बारीकी, तकनीकी समझ, रचनात्मक सोच, सटीकता और समस्याओं को हल करने की क्षमता भी परखी जाती है. ऐसे में भारतीय दल का बेहतर प्रदर्शन देश में कौशल आधारित शिक्षा और प्रशिक्षण की बढ़ती अहमियत को भी सामने लाता है.

युवाओं के हुनर को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच

प्रतियोगिता के दौरान 23 से 26 सितंबर तक विभिन्न कौशलों में कड़ी प्रतिस्पर्धा हुई. इसके बाद 27 सितंबर को शंघाई में आयोजित समापन समारोह में विजेताओं को सम्मानित किया गया. इस कार्यक्रम में दुनिया के अलग-अलग देशों से आए प्रतियोगियों, विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों ने हिस्सा लिया.

भारत की भागीदारी को सफल बनाने में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने अहम भूमिका निभाई. इस पूरी प्रक्रिया में सेक्टर स्किल काउंसिल, उद्योग जगत के साझेदारों, प्रशिक्षण संस्थानों और तकनीकी विशेषज्ञों का भी सहयोग रहा.

भारत की यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए खास संदेश देती है, जो पारंपरिक पढ़ाई के साथ तकनीकी प्रशिक्षण और व्यावहारिक कौशल के जरिए अपना करियर बनाना चाहते हैं. आज के दौर में रोजगार के अवसर हासिल करने के लिए केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि काम में दक्षता और नई तकनीकों को समझने की क्षमता भी जरूरी है.

यह भी पढ़ें-‘मजाक या अमानवीय हरकत?’ इटावा के सरकारी स्कूल में छात्र के सिर पर ‘तबला’ बजाते दिखे प्रिंसिपल, देखें VIDEO

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read