PM Modi Navratri Kushmanda message: चैत्र नवरात्रि के उत्सव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जगत जननी मां कूष्मांडा की आराधना करते हुए देशवासियों को आध्यात्मिक संदेश दिया. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें मां कूष्मांडा की असीम कृपा और उनके कल्याणकारी स्वरूप को रेखांकित किया गया है.
पीएम मोदी ने लिखा कि अदम्य साहस और आध्यात्मिक शक्ति की प्रतीक मां कूष्मांडा के चरणों में वे वंदन करते हैं. उन्होंने प्रार्थना की कि मां की दिव्य ऊर्जा से हर भारतीय के हृदय में एक नई चेतना का संचार हो, जो राष्ट्र निर्माण के संकल्पों को और अधिक सशक्त बनाए.
संस्कृत सुभाषितम् से देवी की महिमा का वर्णन
प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में मां कूष्मांडा की स्तुति करते हुए विशेष श्लोक साझा किया: “सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च. दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदाऽस्तु मे॥” इस श्लोक का अर्थ है कि अपने कमल के समान हाथों में अमृत से कलश धारण करने वाली मां कूष्मांडा मेरे लिए शुभ फलदायी हों. मां कूष्मांडा को ब्रह्मांड की रचना करने वाली आदिस्वरूपा माना जाता है, जिनकी मंद मुस्कान से ही सृष्टि का अस्तित्व आया. प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया यह सुभाषितम् न केवल हमारी समृद्ध संस्कृत विरासत को दर्शाता है, बल्कि समाज में सकारात्मकता और शुभता के प्रसार का भी संदेश देता है.
आध्यात्मिक शक्ति और राष्ट्र कल्याण की भावना
पीएम मोदी ने मां कूष्मांडा को ‘अदम्य साहस’ का प्रतीक बताया है. जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री के इन संदेशों का गहरा अर्थ होता है, जहाँ वे शक्ति की उपासना को देश के आत्मगौरव और नागरिकों के आत्मविश्वास से जोड़ते हैं. नवरात्रि के इन नौ दिनों में प्रधानमंत्री स्वयं भी कठिन व्रत और साधना में लीन रहते हैं, ऐसे में उनका यह ट्वीट करोड़ों श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा देता है. उन्होंने कामना की कि देवी की कृपा से देश का हर नागरिक स्वस्थ और ऊर्जावान रहे, ताकि भारत प्रगति के पथ पर और तेजी से आगे बढ़ सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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