पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक आपातकालीन उच्चस्तरीय बैठक में देश के सुरक्षा बलों को दो टूक निर्देश दिए – आतंकवाद को अब करारा और निर्णायक जवाब मिलेगा. पीएम मोदी ने सशस्त्र बलों की क्षमता पर पूरा भरोसा जताते हुए उन्हें पूरी छूट दी है कि वे जवाबी कार्रवाई का तरीका, समय और लक्ष्य खुद तय करें.
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है.” इस बयान के साथ ही यह स्पष्ट संकेत मिल चुका है कि अब भारत आतंक के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की तैयारी में है.
यह बैठक उस समय हुई जब देश अभी भी पहलगाम में मारे गए 26 मासूम लोगों – जिनमें से अधिकांश पर्यटक थे – के दर्द से उबर नहीं पाया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और तीनों सेनाओं के प्रमुख इस रणनीतिक बैठक में मौजूद थे, जिसे सरकारी सूत्रों ने “अत्यंत संवेदनशील और असाधारण” करार दिया है.
आतंकी ठिकानों पर होगी निर्णायक कार्यवाई
बैठक में सीमापार आतंकी ठिकानों को खत्म करने की रणनीति पर गंभीर चर्चा हुई. लश्कर-ए-तैयबा सहित पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठनों को निशाने पर लेने की योजना बनाई गई है.
सरकार ने सीमाओं पर सेना को हाई अलर्ट पर रखा है. लाइन ऑफ कंट्रोल और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है. ड्रोन, सैटेलाइट और इलेक्ट्रॉनिक इंटरसेप्ट्स के ज़रिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकी लॉन्चपैड्स पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
पहलगाम हमले के बाद भारत ने पहले ही कड़े कदम उठाए हैं – जैसे कि सिंधु जल संधि को निलंबित करना और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना. पीएम मोदी पहले ही कह चुके हैं कि “भारत हर आतंकी और उसके मददगार को धरती के अंतिम छोर तक ढूंढ निकालेगा.”
-भारत एक्सप्रेस
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