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‘विपरीत परिस्थितियों पर भी पा लेगा विजय…’, पीएम मोदी द्वारा साझा किये गए श्लोक के मायने क्या?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा कर युवाओं को कठिन परिस्थितियों में धैर्य, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि युवा शक्ति का संकल्प और परिश्रम ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक बेहद प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित (PM Modi Sanskrit Shlok) शेयर करते हुए देश के युवाओं और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को लेकर एक खास संदेश दिया है. प्रधानमंत्री ने देश की युवा शक्ति की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत के युवा साथी धैर्य, अटूट आत्मविश्वास और अथक परिश्रम के बल पर ऐतिहासिक सफलताएं हासिल कर रहे हैं.

पीएम मोदी के मुताबिक, युवाओं की यही अटूट इच्छाशक्ति और लगन आज तेज़ी से बदल रहे और विकसित हो रहे भारत की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है.

पीएम मोदी ने साझा किये श्लोक का अर्थ?(PM Modi Sanskrit Shlok)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इस संदेश के साथ एक बेहद प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक “प्राप्यापदं न व्यथते कदाचिदुद्योगमन्विच्छति चाप्रमत्तः…” भी साझा किया. इस श्लोक का कड़क और गहरा हिंदी अर्थ समझाते हुए बताया गया कि जो मनुष्य जीवन में अचानक आए संकट या कठिन समय में कभी घबराता या विचलित नहीं होता बल्कि पूरे धैर्य, सावधानी और अपनी कुशलता के साथ उस चुनौती से बाहर निकलने का प्रयास करता है, वह अंततः कभी पराजित नहीं हो सकता. समय आने पर दुखों और कठिन दौर को सहजता से सहने वाला ऐसा साहसी व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों पर भी आसानी से विजय प्राप्त कर लेता है.

लगातार प्रेरित करते रहे हैं प्रधानमंत्री

यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत के नीति श्लोकों के जरिए देशवासियों में नई ऊर्जा का संचार किया हो. इससे पहले 17 जुलाई को भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सपना साकार होने के ऐतिहासिक अवसर पर भी उन्होंने “प्रभूतं कार्यमल्पं वा…” श्लोक साझा किया था.

उस दौरान उन्होंने सिंह से मिलने वाली इस सीख का जिक्र किया था कि काम चाहे छोटा हो या बड़ा, मनुष्य को उसे पूरे उत्साह और लगन के साथ ही शुरू करना चाहिए. वहीं 16 जुलाई को महाप्रभु जगन्नाथ की पावन रथ यात्रा के अवसर पर भी पीएम मोदी ने भक्तिमय श्लोक शेयर कर देशवासियों के कल्याण की कामना की थी.

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युवाओं का जोश और विकसित भारत का अटूट संकल्प

प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश (PM Modi Sanskrit Shlok) ऐसे समय में आया है जब देश के युवा हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं. संस्कृत के इस कड़क श्लोक के जरिए प्रधानमंत्री ने न केवल युवाओं के प्रयासों की सराहना की है, बल्कि उन्हें यह संदेश भी दिया है कि कठिन से कठिन दौर में भी संयम और मेहनत ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है. पीएम मोदी का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और युवा इसे अपने जीवन के लिए एक बड़ा महा-मंत्र मानकर जमकर शेयर कर रहे हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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