PM Modi Subhashitam: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर भारतीय संस्कृति और ज्ञान की परंपराओं को सोशल मीडिया के जरिए साझा करते रहते हैं. इसी कड़ी में आज उन्होंने X (ट्विटर) पर एक प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक साझा किया, जो गुरु के प्रति सेवा और ज्ञान प्राप्त करने की मेहनत को दर्शाता है.
क्या है इस श्लोक का अर्थ?
पीएम मोदी द्वारा साझा किया गया श्लोक है:
यथा खात्वा खनित्रेण भूतले वारि विन्दति।
तथा गुरुगतां विद्यां शुश्रूषुरधिगच्छत।।
यथा खात्वा खनित्रेण भूतले वारि विन्दति।
तथा गुरुगतां विद्यां शुश्रूषुरधिगच्छति॥ pic.twitter.com/MpGaStIgjZ
— Narendra Modi (@narendramodi) May 12, 2026
इस श्लोक का अर्थ है- जिस तरह एक इंसान फावड़े या कुदाल से जमीन खोदकर उसके भीतर छिपा हुआ पानी प्राप्त कर लेता है, ठीक उसी तरह एक जिज्ञासु शिष्य अपने गुरु की सेवा और मेहनत से उनके पास मौजूद गहरा ज्ञान हासिल कर लेता है.
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मेहनत और गुरु का महत्व
इस सुभाषित के जरिए पीएम मोदी ने यह संदेश दिया है कि विद्या या हुनर आसानी से नहीं मिलता. जैसे पानी निकालने के लिए जमीन खोदने की मेहनत जरूरी है, वैसे ही सच्चा ज्ञान पाने के लिए अनुशासन और गुरु के प्रति समर्पण जरूरी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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