Devnimori relics exhibition Colombo PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलंबो के पवित्र गंगारामया मंदिर में भगवान बुद्ध के देवनीमोरी अवशेषों की ऐतिहासिक प्रदर्शनी के उद्घाटन के लिए श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके को धन्यवाद दिया है. सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि पिछले वर्ष अप्रैल में श्रीलंका यात्रा के दौरान यह निर्णय लिया गया था कि ये पवित्र अवशेष श्रीलंका लाए जाएंगे.
साथ ही इसको लेकर उन्होंने कामना की कि भगवान बुद्ध की करुणा, शांति और सद्भाव का शाश्वत संदेश मानवता का मार्गदर्शन करता रहे. भारत और श्रीलंका गहरे सभ्यतागत और आध्यात्मिक बंधनों से जुड़े हुए हैं.
Gratitude to President Anura Kumara Dissanayake for inaugurating the Exposition of the Holy Devnimori Relics at the sacred Gangaramaya Temple in Colombo.
During my visit in April 2025, it was decided these relics will come to Sri Lanka, thus giving the opportunity for the… https://t.co/rLGTRudlsZ
— Narendra Modi (@narendramodi) February 5, 2026
जानिए प्रदर्शनी का ऐतिहासिक महत्व
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने आज कोलंबो के गंगारामया मंदिर में भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. बता दें कि यह अवशेषों की पहली अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी है. समारोह में बोलते हुए प्रधानमंत्री डॉ. हरिणी अमरासुरिया ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया. उन्होंने इसे श्रीलंका के लोगों के लिए पवित्र अवशेषों की पूजा करने का एक बड़ा आशीर्वाद बताया.
वहीं इसको लेकर गंगारामया मंदिर के मुख्य महंत पूजनीय किरिंदे असाजी थेरो ने कहा कि इस प्रदर्शनी से भक्तों को बहुत खुशी मिली है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने लोगों को खुश होने का एक कारण दिया है.
अवशेष कैसे पहुंचे और कहां से आए?
पवित्र अवशेष भारतीय वायु सेना के विशेष C-130J विमान से कोलंबो पहुंचाए गए. इस दौरान गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में उच्च-स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल, वरिष्ठ बौद्ध भिक्षु और अधिकारी मौजूद थे. उनका औपचारिक स्वागत श्रीलंका के बुद्धशासन मंत्री सुनील सेनेवी और लोक प्रशासन मंत्री प्रो. ए.एच.एम.एच. अबेरत्ना ने किया. ये अवशेष 10 फरवरी तक सार्वजनिक पूजा के लिए गंगारामया मंदिर में रखे जाएंगे.
अवशेषों का क्या है इतिहास?
गुजरात के देवनीमोरी पुरातात्विक स्थल पर खोजे गए ये अवशेष सामान्य युग की शुरुआती सदियों के हैं. इन पर एक शिलालेख है जो उन्हें बुद्ध के शारीरिक अवशेषों का निवास स्थान बताता है. इस प्रदर्शनी की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2025 में श्रीलंका यात्रा के दौरान की थी. बताते चलें कि यह ऐतिहासिक घटना भारत और श्रीलंका के बीच गहरे सभ्यतागत और आध्यात्मिक संबंधों को उजागर करती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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