कैलाश मानसरोवर के अनसुलझे रहस्य: क्यों आज तक कोई नहीं चढ़ पाया माउंट कैलाश?
Mount Kailash Mystery: माउंट कैलाश आज भी अपने पवित्र दर्जे, धार्मिक आस्था, सरकारी पाबंदियों और इस विश्वास की वजह से अछूता है कि इसके शिखर पर पैर नहीं रखा जाना चाहिए.
बौद्ध धर्म के ‘महा-स्कॉलर’ और दलाई लामा के ‘लंगोटिया यार’ प्रोफेसर रॉबर्ट थर्मन का निधन, पीएम मोदी ने लिखा ऐसा भावुक पोस्ट
पद्मश्री सम्मानित अमेरिकी बौद्ध विद्वान और भारत के करीबी मित्र Robert A. F. Thurman का 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए बौद्ध विचारों का वैश्विक दूत बताया...
जाट परिवार की चालाकी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI सूर्यकांत ने कहा- ‘मेरे भाई को फोन करने की हिम्मत कैसे हुई?’
सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के एक जाट परिवार द्वारा परीक्षा से पहले बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक कोटे का लाभ लेने के दावे पर कड़ी टिप्पणी की है.
कोलंबो में बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी का हुआ उद्घाटन, पीएम मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति को दिया धन्यवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलंबो के गंगारामया मंदिर में देवनीमोरी अवशेषों की प्रदर्शनी के उद्घाटन पर श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके का आभार जताया. पीएम मोदी ने कहा कि भगवान बुद्ध का करुणा, शांति और सद्भाव का संदेश मानवता का मार्गदर्शन करता रहे.
PM Modi Bhutan Visit: जिस कालचक्र अभिषेक का हिस्सा होंगे PM Modi, जानें उसकी खासियत |
इस उत्सव में तीन दिवसीय कालचक्र (समय का चक्र) अभिषेक शामिल होगा। ये तिब्बती बौद्ध धर्म का एक जटिल और व्यापक अनुष्ठान है जो आत्मज्ञान प्राप्ति हेतु विशिष्ट ध्यान साधना करने की शक्ति प्रदान करता है। कालचक्र दीक्षा समय, ब्रह्मांड और मानवीय अनुभव (अस्तित्व के बाह्य और आंतरिक आयामों का अंतर्संबंध) के मिलन का प्रतीक है।
भारत-मंगोलिया की दोस्ती हुई और गहरी, पीएम मोदी ने ‘आध्यात्मिक पड़ोसी’ के साथ रिश्तों को बताया खास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगोलिया के राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना का भारत आगमन पर स्वागत किया. भारत ने मंगोलिया के नागरिकों के लिए मुफ्त ई-वीजा की भी घोषणा की.
बौद्ध धर्म की भारतीय उत्पत्ति और आज की आधुनिक दुनिया में इसका महत्व
दुनिया के सबसे बड़े धर्मों में से एक बौद्ध धर्म 2500 साल पहले भारत में मौजूद था. बौद्धों का मानना है कि ध्यान के साथ-साथ अच्छे आचरण के बाद आध्यात्मिक और शारीरिक रूप से कड़ी मेहनत के माध्यम से आत्मज्ञान या निर्वाण प्राप्त किया जा सकता है.
भारत बौद्ध धर्म के पथ पर शांतिपूर्वक अग्रसर, भारतीय राजदूत तरणजीत ने कहा कि “बौद्ध धर्म देश के सबसे बड़े उपहारों में से एक”
भारत ने द ग्लोबल बुद्धिस्ट समिट का आयोजन किया था. राष्ट्रीय राजधानी में दो दिवसीय मण्डली में इस तरह का पहला आयोजन है.
भूटानी साहित्य पर बौद्ध दर्शन का प्रभाव, करूणा और नश्वरता पर लेखकों का विशेष जोर
द भूटान लाइव के अनुसार, दोहे का इस्तेमाल अक्सर मानव अनुभव की जटिलताओं का पता लगाने और एक सार्थक जीवन जीने के तरीके पर मार्गदर्शन के लिए किया जाता है.





