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पीएम मोदी ने क्यों धोए थे सफाईकर्मियों के पैर? सेवा यात्रियों को खुद बताया

PM modi news: पीएम मोदी ने वाराणसी से वडनगर जा रहे युवाओं से बातचीत में बताया कि उन्होंने सफाईकर्मियों के पैर क्यों धोए थे और इसे भारत के सम्मान से कैसे जोड़ा.

PM Modi Seva Yatra

पीएम मोदी ने क्यों धोए थे सफाईकर्मियों के पैर

PM Modi washed sanitation workers feet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शुक्रवार (25 सितंबर) को वाराणसी से वडनगर के लिए निकली सेवा यात्रा (Seva Yatra 2026) में शामिल युवाओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की. सेवा संकल्प अभियान (Seva Sankalp Abhiyan) के तहत निकली यह यात्रा सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर तक का सफर नहीं है, बल्कि रास्ते में सेवा कार्यों से जुड़ने का संदेश भी दे रही है. बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने युवाओं के अनुभव जाने और उन्हें सेवा, संस्कार और संकल्प का महत्व समझाया.

पीएम मोदी ने कहा कि युवा वाराणसी में बाबा विश्वनाथ और मां गंगा का आशीर्वाद लेकर वडनगर में चिर पुरातन हाटकेश्वर महादेव के दर्शन के लिए जा रहे हैं. इस दौरान रास्ते में लोगों की सेवा करना इस यात्रा को और खास बनाता है.

‘भारत का मान बढ़ाने वालों का सम्मान जरूरी’ (Why PM Modi washed feet of sanitation workers)

बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने प्रयागराज महाकुंभ का जिक्र करते हुए उस घटना को भी याद किया, जब उन्होंने सफाईकर्मियों के पैर धोए थे. उन्होंने बताया कि कुंभ के दौरान सफाईकर्मियों ने जिस तरह स्वच्छता बनाए रखने में योगदान दिया, उससे देश की छवि दुनिया भर में बेहतर हुई.

पीएम मोदी ने कहा कि उनके मन में आया कि जिन लोगों ने भारत का सम्मान बढ़ाया है, उनके पैर धोकर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए. इसी भावना के साथ उन्होंने सफाईकर्मियों के पैर धोकर उन्हें सम्मान दिया था. उन्होंने कहा कि सेवा करने वाले लोगों का सम्मान समाज में होना चाहिए.

वडनगर ने दिए संस्कार, काशी ने सिखाई सेवा

पीएम मोदी ने युवाओं से कहा कि वडनगर ने उन्हें जीवन के संस्कार दिए, जबकि काशी ने उन संस्कारों में सेवा के कई रंग जोड़े. उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी भी देशभक्ति, सेवा, संवेदना और संकल्प की भावना के साथ आगे बढ़ रही है.

उन्होंने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के साथ सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी काम किया. इसलिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की जिम्मेदारी भी हर व्यक्ति की है.


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दीनदयाल उपाध्याय के सात सूत्रों का जिक्र

पीएम मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती का उल्लेख करते हुए उनके बताए सात सूत्रों को भी याद किया. इनमें सेवाभाव, संतुलन, संयम, समन्वय, सकारात्मकता, संवेदना और संवाद शामिल हैं. उन्होंने कहा कि सेवा यात्री के रूप में लगातार आगे बढ़ते रहना ही इस अभियान की भावना है. पीएम मोदी इससे पहले वडनगर से वाराणसी के लिए निकली टोली से भी संवाद कर चुके हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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