प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
PM Dhan-Dhanya krishi Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को मंजूरी दी है. यह योजना वित्त वर्ष 2025-26 से शुरू होकर अगले 6 साल तक लागू की जाएगी और देश के 100 जिलों को कवर करेगी.
सीएम योगी ने इस योजना के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की. उन्होंने कहा— “अन्नदाता किसानों के सम्मान और सशक्तिकरण हेतु सतत संकल्पित प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को मिली स्वीकृति अभिनंदनीय है. वर्ष 2025-26 से आगामी 6 वर्षों की अवधि के लिए देश के 100 जिलों को आच्छादित करने वाली यह योजना केवल बीज और भूमि की बात नहीं, बल्कि भारतीय ग्राम्य जीवन को सशक्त और समृद्ध करने का संकल्प है.”
हर खेत में हरियाली, हर किसान के जीवन में खुशहाली हो
सीएम योगी ने X.com पर पोस्ट कर ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को मंजूरी दिए जाने पर कहा, “यह निर्णय उत्पादकता में प्रगति, फसलों में विविधता के साथ ही दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक ऋण की उपलब्धता को सुगम बनाएगा. हर खेत में हरियाली हो और हर किसान के जीवन में खुशहाली हो, इसी भाव को मूर्त रूप देने हेतु इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार!”
अन्नदाता किसानों के सम्मान और सशक्तिकरण हेतु सतत संकल्पित आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को मिली स्वीकृति अभिनंदनीय है।
वर्ष 2025-26 से आगामी 6 वर्षों की अवधि के लिए देश के 100 जिलों को…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 16, 2025
‘आकांक्षी जिला कार्यक्रम’ की पहल से प्रेरित यह योजना
बता दें कि ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि’ योजना, नीति आयोग के ‘आकांक्षी जिला कार्यक्रम’ की पहल से प्रेरित है. यह कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों पर केंद्रित अपनी तरह की पहली योजना होगी.
इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर फसल कटाई के बाद भंडारण की सुविधा बढ़ाना, सिंचाई सुविधाओं में सुधार और दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक कृषि ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करना है.
The Scheme aims to enhance agricultural productivity, increase adoption of crop diversification and sustainable agricultural practices, augment post-harvest storage at the panchayat and block levels, improve irrigation facilities and facilitate availability of long-term and… pic.twitter.com/TueNQCgVDM
— PIB India (@PIB_India) July 16, 2025
ऐसे होगा मोदी सरकार की इस योजना का क्रियान्वयन
इस योजना का क्रियान्वयन 11 मंत्रालयों की 36 मौजूदा योजनाओं, राज्य सरकारों की योजनाओं और निजी क्षेत्र के साथ स्थानीय भागीदारी के जरिए किया जाएगा.
योजना के लिए कम उत्पादकता, कम फसल सघनता और कम ऋण वितरण जैसे तीन प्रमुख बिंदुओं के आधार पर 100 जिलों की पहचान की जाएगी. हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में जिलों का चयन नेट क्रॉप एरिया और ऑपरेशनल होल्डिंग्स के आधार पर किया जाएगा. हालांकि, प्रत्येक राज्य से कम से कम एक जिले का चयन होगा.
जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कमेटी गठित की जाएंगी
योजना की इफेक्टिव प्लानिंग, इंप्लीमेंटेशन और मॉनिटरिंग के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कमेटी गठित की जाएंगी. जिला स्तर पर एक ‘जिला धन-धान्य समिति’ बनेगी, जिसमें प्रगतिशील किसान भी शामिल होंगे. ये समितियां एक ‘जिला कृषि और संबद्ध गतिविधि योजना’ तैयार करेंगी, जो प्राकृतिक खेती, पानी-मिट्टी की रक्षा, आत्मनिर्भरता और फसल विविधीकरण जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ी होगी.
इस तरह 100 जिलों में होगा कृषि क्षेत्र का विकास
प्रत्येक धन धान्य जिले में योजना की प्रगति की निगरानी मासिक आधार पर एक डैशबोर्ड के माध्यम से 117 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर की जाएगी. नीति आयोग भी जिला योजनाओं की समीक्षा और मार्गदर्शन करेगा. इसके अलावा, प्रत्येक जिले के लिए नियुक्त केंद्रीय नोडल अधिकारी भी नियमित आधार पर योजना की समीक्षा करेंगे.
जैसे-जैसे इन 100 जिलों में लक्षित परिणामों में सुधार होगा, देश के प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के मुकाबले समग्र औसत में वृद्धि होगी. इस योजना के परिणामस्वरूप उत्पादकता में वृद्धि होगी, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में मूल्यवर्धन होगा, स्थानीय आजीविका का सृजन होगा और इस प्रकार घरेलू उत्पादन में वृद्धि होगी तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को बढ़ावा मिलेगा. जब इन जिलों के प्रदर्शन में सुधार होगा, तो देश का औसत प्रदर्शन भी बेहतर हो जाएगा.
(न्यूज एजेंसी IANS से साभार)
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