पाकिस्तान (Pakistan) अधिकृत कश्मीर (Kashmir) यानी पीओके (PoK) में लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के खिलाफ जनता का विद्रोह (backlash) देखने को मिला, जहां स्थानीय लोगों ने लश्कर कमांडर (Lashkar commander) रिजवान हनीफ (Rizwan Hanif) को गांव से खदेड़ दिया।
पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के कुइयां गांव में हाल ही में आतंकवाद के खिलाफ स्थानीय जनता का आक्रोश फूटा है. लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े जेकेयूएम कमांडर रिजवान हनीफ को गांव वालों ने खदेड़ दिया. यह घटना न सिर्फ लोगों की सोच में बदलाव को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि अब आतंकी संगठनों की गतिविधियों को लेकर सहनशीलता खत्म हो रही है. साथ ही प्रशासन ने भी ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है. ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं घटनाक्रमस के बारे में.
कुइयां गांव में लश्कर कमांडर रिजवान हनीफ का बहिष्कार
कुइयां गांव में लश्कर-ए-तैयबा के स्थानीय कमांडर रिजवान हनीफ को जब गांव में देखा गया, तो स्थानीय लोगों ने उसका तीखा विरोध किया. ग्रामीणों के गुस्से से बचते हुए वह अपने हथियारबंद साथियों के साथ भाग गया. यह घटना दर्शाती है कि अब पीओके की जनता आतंकियों को समाज में स्वीकार करने को तैयार नहीं.
आतंकवाद के खिलाफ ‘जिरगा’ की तैयारी
गांव वालों ने आतंकवाद और आतंकियों की भर्ती के खिलाफ एक सामूहिक ‘जिरगा’ (जनसभा) आयोजित करने की योजना बनाई है. इसका उद्देश्य आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सार्वजनिक रूप से एकजुट होकर आवाज उठाना है.
हरवन, श्रीनगर में मारा गया आतंकी हबीब ताहिर
हबीब ताहिर, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, श्रीनगर के हरवन इलाके में भारतीय सुरक्षा बलों के हाथों मारा गया. उसे लश्कर द्वारा भर्ती और प्रशिक्षित किया गया था.
परिवार ने आतंकियों को अंतिम सभा से रोका
30 जुलाई 2025 को शाम 4 बजे हबीब ताहिर की अंतिम श्रद्धांजलि सभा रखी गई थी. मृतक के परिजनों ने साफ किया कि वे किसी भी आतंकी संगठन या उनके प्रतिनिधियों को इस कार्यक्रम में नहीं आने देंगे. इसके बावजूद रिजवान हनीफ हथियारबंद गार्ड्स के साथ सभा में पहुंच गया.
बंदूक दिखाने की धमकी, गांव में आक्रोश
सभा के दौरान रिजवान हनीफ के भतीजे ने कथित रूप से mourners को बंदूक दिखाकर धमकाया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया. गुस्साए लोगों ने उनका पीछा किया और भारी विरोध के चलते उन्हें फिर से भागना पड़ा.
आतंकियों पर सख्ती, प्रशासन ने दिखाई गंभीरता
हाल के घटनाक्रमों में यह स्पष्ट हो रहा है कि अब प्रशासन भी आतंकियों की गतिविधियों पर शिकंजा कस रहा है. आतंकियों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों पर रोक लगाई जा रही है और उनकी सार्वजनिक उपस्थिति भी घट रही है.
खुराहट में प्रस्तावित सम्मेलन पर रोक
कोठियां गांव के निवासी नऊमान शहजाद ने खुराहट (तहसील हरी घेह्ल, जिला बाग) में एक सम्मेलन आयोजित करने की अनुमति मांगी थी. लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्यक्रम में कुछ सशस्त्र व्यक्तियों के शामिल होने की आशंका थी. सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने कार्यक्रम पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया. एसडीएम हरी घेह्ल और एसएचओ सिटी बाग को आदेश दिए गए कि वे इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करें.
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-भारत एक्सप्रेस
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