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संगम स्नान विवाद में धीरेंद्र शास्त्री की एंट्री, बोले- सनातन का मजाक न बनाएं

Swami Avimukteshwaranand Controversy: प्रयागराज संगम स्नान को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच विवाद जारी है. इस बीच बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री ने संयम, संवाद और आपसी सहमति से समाधान की अपील की है.

Dhirendra Shastri on Avimukteshwaranand Controversy

Swami Avimukteshwaranand Controversy: प्रयागराज में संगम स्नान पर अड़े शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब इस विवाद में बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की एंट्री हुई है. राजस्थान के कोटा में चल रही कथा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और आपसी सहमति से समाधान निकालने की अपील की.

धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा

प्रयागराज में पालकी से स्नान पर अड़े शंकराचार्य अविमुक्तानंद सरस्वती और योगी सरकार के बीच चल रहे विवाद पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़ी सलाह दी. उन्होंने कहा कि “दोनों पक्ष हमारे अपने हैं, दोनों सनातनी हैं. बीच का रास्ता निकालें और मिल-बैठकर सुलह करें. सनातन का दुनिया के सामने हास-परिहास न बनने दें.”

रील से रियल तक का संदेश

धीरेंद्र शास्त्री ने सरकार और संत समाज से अपील की कि आपसी संवाद के जरिए बीच का रास्ता निकाला जाए, ताकि विवाद का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से हो सके. उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की जेन-जी और अल्फा-बीटा पीढ़ी सोशल मीडिया की दुनिया में उलझकर अपना कीमती समय गंवा रही है. उन्होंने युवाओं से ‘रील’ की बजाय ‘रियल’ जिंदगी में सक्रिय होने, परिवार को समय देने और जमीन से जुड़े रहने की नसीहत दी.

गौ सेवा को लेकर भी धीरेंद्र शास्त्री ने अहम बयान दिया. उन्होंने कहा कि सिर्फ गौशालाओं से गौ रक्षा संभव नहीं है, बल्कि “एक हिंदू, एक गाय” की परंपरा को फिर से जीवित करना होगा. उल्लेखनीय है कि इन दिनों धीरेंद्र शास्त्री की कथा राजस्थान के कोटा जिले में चल रही है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.


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ऐतिहासिक दृश्य

कथा के दौरान एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब मंच पर वाल्मीकि समाज के लोगों और 30 जरूरतमंद परिवारों ने बाबा की आरती उतारी. इस पहल को सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल बताते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की सराहना की और कहा कि रामकथा पर हर वर्ग का समान अधिकार है. कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर सहित कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहीं.



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