Bharat Express DD Free Dish

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जाएंगी गयाजी, जानें पितरों के पिंडदान के लिए कौन सी की जा रही विशेष तैयारियां

हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बिहार के गयाजी के एयरपोर्ट से होकर 5 नंबर गेट, घुघड़ीटाड़ बाईपास, नारायणी पुल और बंगाली आश्रम से गुजरते हुए विष्णुपद मंदिर पहुंचेंगी.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जाएंगी गयाजी

नमिता वर्मा


हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बिहार के गयाजी के एयरपोर्ट से होकर 5 नंबर गेट, घुघड़ीटाड़ बाईपास, नारायणी पुल और बंगाली आश्रम से गुजरते हुए विष्णुपद मंदिर पहुंचेंगी.

पितरों के पिंडदान के लिए प्रसिद्ध है गयाजी

श्राद्ध और पितरों के उद्धार के लिए देशभर में कई तीर्थस्थल प्रसिद्ध हैं, लेकिन बिहार का गयाजी मोक्षस्थली के रूप में सबसे विशेष माना जाता है. मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से 108 कुल और सात पीढ़ियों का उद्धार होता है और आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है. यही वजह है कि पितृ पक्ष के दौरान लाखों श्रद्धालु गयाजी का रुख करते हैं. इसकी एक अनोखी बात यह भी है कि यहां व्यक्ति अपने पितरों के लिए स्वयं पिंडदान कर सकता है.

मोक्षनगरी गयाजी में राष्ट्रपति मुर्मू का दौरा

आपको बता दें कि राष्ट्रपति के लिए विशेष रूट भी निर्धारित किया गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 सितंबर को अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए मोक्षनगरी गयाजी पहुंचेंगी. इस दौरान वे विष्णुपद मंदिर में पिंडदान और तर्पण करेंगी. उनके आगमन को देखते हुए गया जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं.

एयरपोर्ट से विष्णुपद मंदिर तक कड़े सुरक्षा इंतज़ाम

राष्ट्रपति का काफिला गया एयरपोर्ट से रवाना होकर 5 नंबर गेट, घुघड़ीटाड़ बाईपास, नारायणी पुल और बंगाली आश्रम से गुजरते हुए विष्णुपद मंदिर पहुंचेंगी. लौटते समय भी वही मार्ग निर्धारित किया गया है.

राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था

इसमें दोमुहान से सिकड़िया मोड़, 5 नंबर गेट से सीटी पब्लिक स्कूल और चांद चौरा से बंगाली आश्रम होते हुए घुघड़ीटाड़ तक का रास्ता शामिल है.

जानें प्रशासन की विशेष तैयारियां

जनता और अन्य वाहनों के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं. इनमें बोधगया से फोर लेन होते हुए गुलहड़िया चक मोड़, चाकंद रेलवे गुमटी, कंडी नवादा, कुकड़ा मोड़, मेहता पेट्रोल पंप और सीटी पब्लिक स्कूल का रास्ता शामिल है. इसके अलावा विष्णुपद मंदिर के आसपास कुछ जगहों पर ड्रॉप गेट लगाए गए हैं, जहां से श्रद्धालुओं को पैदल ही आगे जाना होगा.

गया प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त व्यवस्था की है कि राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान सुरक्षा में कोई चूक न हो और श्रद्धालुओं को भी असुविधा न झेलनी पड़े. ‘परिंदा भी पर न मार सके’ वाली सुरक्षा व्यवस्था के तहत हर स्तर पर निगरानी और नियंत्रण की योजना बनाई गई है.

ये भी पढ़ें: 20 सितंबर को गुजरात के इस शहर में जाएंगे पीएम मोदी, उनके दौरे को लेकर तैयारियां तेज

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read