युद्ध के बीच शांति का पिंडदान गयाजी में रूस-यूक्रेन के श्रद्धालुओं ने साथ किया श्राद्ध
बिहार का गयाजी हमेशा से ही मोक्षस्थली के रूप में पूजनीय रहा है. पितरों के उद्धार और श्राद्ध कर्म के लिए देशभर में कई तीर्थस्थल हैं पर बिहार का गयाजी सबसें पवित्र माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से 108 कुल और सात पीढ़ियों का उद्धार होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जाएंगी गयाजी, जानें पितरों के पिंडदान के लिए कौन सी की जा रही विशेष तैयारियां
हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बिहार के गयाजी के एयरपोर्ट से होकर 5 नंबर गेट, घुघड़ीटाड़ बाईपास, नारायणी पुल और बंगाली आश्रम से गुजरते हुए विष्णुपद मंदिर पहुंचेंगी.





