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बॉर्डर सील, बसें खड़ी और बाजार सूने…; कौन हैं वो कैदी जिनकी रिहाई के लिए आज ठप हो गया पंजाब?

Punjab Bandh Update: कौमी इंसाफ मोर्चा ने मांग को लेकर आज पंजाब बंद बुलाया है. सुबह 7 से दोपहर 2 बजे तक बाजार, बसें और स्कूल बंद रहे. जानिए कौन हैं वो कैदी जिनकी रिहाई पर अड़ा है मोर्चा?

Members of Qaumi Insaf Morcha and Sikh organizations protesting near barricades at the Chandigarh-Mohali border, demanding the release of Sikh prisoners during the Punjab Bandh

पंजाब बंद के हालात फोट @सोशल मीडिया

Punjab Bandh Update: अपनी सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों (जिन्हें बंदी सिंह कहा जाता है) की रिहाई की मांग को लेकर शुक्रवार को पूरे पंजाब में खलबली मच गई. कौमी इंसाफ मोर्चा (Qaumi Insaf Morcha) के आह्वान पर आज पूरे पंजाब में सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक ‘बंद’ बुलाया गया. इस दौरान अमृतसर से लेकर मोहाली तक हाईवे, बाजार, बस स्टैंड और निजी स्कूल पूरी तरह ठप नजर आए.

बंद का सबसे ज्यादा असर चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर दिखा, जहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है. आखिर कौन हैं वो कैदी जिनकी रिहाई के लिए पंजाब की सड़कों पर यह भारी उबाल देखने को मिल रहा है?

किन कैदियों की रिहाई पर अड़ा है मोर्चा? (Qaumi Insaf Morcha Punjab Bandh)

इस बंद और प्रदर्शन के केंद्र में उन सिख कैदियों की रिहाई का मुद्दा है, जो कथित तौर पर अपनी उम्रकैद या तय सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन अब भी जेलों में बंद हैं. इनमें सबसे बड़ा नाम जगतार सिंह हवारा (Jagtar Singh Hawara) का है, जो पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी है. मोर्चे की मांग है कि हवारा को पैरोल दी जाए (जिसका समर्थन हाल ही में सीएम भगवंत मान ने भी किया है). हवारा के अलावा बलवंत सिंह राजोआना, परमजीत सिंह भ्योरा और जगतार सिंह तारा जैसे कैदियों की रिहाई या सजा में राहत की मांग भी जोर-शोर से उठाई जा रही है.

क्यों बुलाया गया अचानक बंद? (Punjab Bandh For Sikh Prisoners)

बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चे का धरना मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर 7 जनवरी 2023 से ही चल रहा है. लेकिन इस आंदोलन ने तब उग्र रूप ले लिया जब 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के दिन चंडीगढ़ में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. इसी पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में मोर्चे ने शुक्रवार को पंजाब बंद का ऐलान किया, जिसे SGPC, शिरोमणि अकाली दल, किसान संगठनों और कर्मचारी यूनियनों का भारी समर्थन मिला.

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अमृतसर बस स्टैंड पर पसरा सन्नाटा, परीक्षाएं रद्द

बंद के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. अमृतसर बस स्टैंड पर जहां रोज हजारों की भीड़ होती है, वहां सन्नाटा पसरा रहा. बसें न चलने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. निजी स्कूल संगठनों ने एहतियातन स्कूल बंद रखे हैं, जबकि पंजाब यूनिवर्सिटी ने आज होने वाली अपनी सभी परीक्षाएं रद्द कर दी हैं (जो अब 10 सितंबर को होंगी).

आपातकालीन सेवाओं को मिली छूट (Chandigarh Mohali Punjab Bandh)

इस पूरे बंद के दौरान हालांकि मोर्चे ने यह साफ कर दिया था कि वे आम जनता को परेशान नहीं करना चाहते. इसलिए मेडिकल इमरजेंसी, अस्पताल, एंबुलेंस, अंतिम संस्कार, एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों और शादी समारोहों को बंद से पूरी तरह छूट दी गई थी. फिलहाल पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर है, खासकर तब जब चंडीगढ़ स्थित बीजेपी दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. देखना होगा कि इस बड़े शक्ति प्रदर्शन के बाद सरकार बंदी सिंहों की रिहाई पर क्या कदम उठाती है.



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