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ADGP आत्महत्या केस में नया खुलासा!  एक नहीं पूरन कुमार ने लिखे 3-3 सुसाइड नोट; तीनों क्या लिखा है?

हरियाणा के ADGP आत्महत्या को लेकर एक नया खुलासा सामने आया है जिसने इस मामले को और इसके पीछे की वजह को पहले से भी ज्यादा गहरा बना दिया है. सुसाइड से पहले पत्नी को भेजी थी वसीयत.

हरियाणा के सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पुरन कुमार की आत्महत्या का मामला पहले से ही गहरा है. इसी बीच मामले को लेकर एक नया खुलासा हुआ है कि मरने से उन्होंने सुसाइड नोट लिखे, वो भी एक नहीं तीन. उन्होंने इन तीनों नोट्स में से एक को अपने हाथों से लिखा था उसे अपनी जेब में, दुसरी लैपटॉप के बैग में और तीसरी नोट जो उसी नोट की टाइप की हुई कॉपी थी उसे लैपटॉप में सेव कर रखा था. इन तीनों नोट्स में एक ही बात लिखी हुई थी, लेकिन इस खुलासे से ये मामला और भी ज्यादा पेचीदा  हो गया है.

कैसे मिला सुसाइड नोट?

पूरन सिंह की पत्नी एक आईएएस ऑफिसर है, जो उस समय हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ जापान दौरे पर थी. आत्महत्या की खबर पर पूरन सिंह की पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार तुरंत घर लौटी. बाद में जब उन्होंने अलमारी खोली तो उन्हें उसमें एक बैग मिला, जिसमें उन्हें सुसाइड नोट रखा था, जिसकी एक कॉपी लैपटॉप में भी सेव्ड थी.

डीजीपी एसपी पर लगाया आरोप

पूरन सिंह की पत्नी ने अपनी शिकायत में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजरनिया पर आरोप लगाते हुए बताया है कि उनके पति को साक्ष्यों के आधार पर फंसाया जा रहा था और डीजीपी से बात करने पर बात को दबा दिया गया. उन्होंने अपने शिकायत पत्र में आगे बताया कि ये सब डीजीपी और एसपी के बीच की साजिश है. अमनीत ने मांग की कि दोनों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और धारा 108  के तहत केस दर्ज हो और उनपर सख्त कार्रवाई की जाए.

15 कॉल पर नहीं मिला जवाब

खुलासे में पता चला कि सुसाइड से कुछ घंटे पहले पूरन कुमार ने अपनी पत्नी को नौ पन्नों का सुसाइड नोट और वसीयत भेजा था, जिसे पढ़कर अमनीत पूरी तरह घबरा गई. सुसाइड नोट पढ़ते ही अमनीत ने उन्हें बार-बार फोन करने की कोशिश लेकिन 15 कॉल करने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला. घबराहट में अमरित ने अपनी बेटी अमूल्या को फोन कर पापा से तुरंत बात करने और घर जाने को कहा. जब बेटी घर पहुंची, तो वो बेसमेंट का दरवाजा अंदर से बंद पाती है. दरवाजा तोड़ने पर पूरन कुमार, जिनके सिर से खून निकल रहा था सोफे पर पड़े मिलते हैं.

कोई परेशान न करें- पूरन

घर पर काम करने वाले कुक प्रेम सिंह से पूछताछ में पता चला कि सुबह करीब 10 बजे पूरन ने कुक को बेसमेंट में जाने का बताकर कहा था कि आज उन्हें कोई भी परेशान न करें. कुक ने ये भी बताया कि वो कुत्ते को टहलाने भी नहीं ले जाएंगे.

कुक ने आगे बताया कि एक घंटे बाद वो कुछ देर के लिए ऊपर आते हैं, खाना मांगते हैं और फिरसे नीचे चले जाते हैं, जिसके बाद किसी ने उनकी आवाज नहीं सुनी.

किसके नाम कर गए सारी संपत्ती?

पूरन कुमार ने वसीयत में अपनी सभी चल-अचल संपत्तियां, बैंक खाते, शेयर, चंडीगढ़ का घर, मोहाली का प्लॉट और गुड़गांव की ऑफिस प्रॉपर्टी अपनी पत्नी अमनीत पी. कुमार के नाम कर दीं, जिसके कागज उन्होंने 6 अक्टूबर को ही तैयार कर लिया था. वसीयत के पेपर में लिखा था कि उनकी मौत के बाद उनके सभी संपत्तियों की एकमात्र मालिक उनकी पत्नी होंगी, जो उन्होंने अपने सुसाइड नोट के साथ आत्महत्या वाले दिन भेजा था.

आपको बता दें कि अपने विदेश यात्रा से लौटने के बाद अमनीत ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वो पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं देंगी.

सुसाइड नोट में मिले बड़े नाम

पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, पूर्व डीजीपी मनोज यादव, पी.के. अग्रवाल, राजीव अरोड़ा सहित कई बड़े अधिकारियों के नामों को शामिल किया है.

उन्होंने नोट में बताया है कि उनके बैचमेट्स मनोज यादव, पी.के. अग्रवाल और टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने मिलकर उनके साथ जातिगत उत्पीड़न किया, जिसके बारे में पूरन ने गृह मंत्री और मुख्य सचिव को लिखित शिकायत भी दी थी, लेकिन उसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

पूरन ने यह भी लिखा कि आईपीएस कुलविंदर सिंह ने उन्हें चेतावनी दी थी कि “डीजीपी ने आदेश दिया है, तुम्हें स्थायी रूप से हटाया जाएगा.” साथ ही आईपीएस माटा रवि किरण द्वारा उनके लिए इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा को उन्होंने आत्महत्या के फैसले का मुख्य कारण बताया. आखिरी पन्नों में उन्होंने बताया कि उनसे ये सब कुछ और नहीं सहा जा रहा और जो लोग मुझे इस स्थिति तक लाए, वही मेरी मौत के जिम्मेदार हैं.

एसआईटी गठित करने पर हो रहा विचार

ये मामला अब हरियाणा पुलिस, गृह मंत्रालय और एससी/एसटी आयोग की निगरानी में है. सूत्रों की अनुसार, मामले की जांच के लिए राज्य सरकार एसआईटी गठित करने पर विचार कर रही है. वहीं, दूसरी ओर अमनीत कुमार ने साफ कहा है कि यह केवल मेरे पति के मौत का मामला नहीं है, बल्कि सिस्टम की परीक्षा है. जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, मैं पीछे नहीं हटूंगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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