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बंगले का मोह! बिहार में 10 सर्कुलर रोड छोड़ने को तैयार नहीं राबड़ी देवी, सम्राट सरकार की चेतावनी भी बेअसर

Rabri Devi Bungalow: राबड़ी देवी 10 सर्कुलर रोड स्थित अपने आवास को छोड़ने से मना कर दिया है. सरकार बार-बार उन्हें चेतावनी दे रही है, लेकिन वो अड़ी हुई हैं. अब कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी अपने बंगले को लेकर अड़े हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक उन्होंने डीके शिवकुमार के साथ दिसंबर 2028 तक सीएम आवास में रहने की डील की है.

Rabri Devi Bungalow

Rabri Devi Bungalow

Rabri Devi Bungalow: श्रीमद्भागवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि मोह मनुष्य को रिश्तों और इच्छाओं में बांध देता है. जिससे वह सत्य से दूर हो जाता है. अगर वो मोह घर का हो तो बात ही कुछ और है. ऐसा ही कुछ हो रहा है बिहार में, जहां पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी 10 सर्कुलर रोड स्थित अपने आवास को छोड़ने से मना कर दिया है. सरकार बार-बार उन्हें चेतावनी दे रही है, लेकिन वो अड़ी हुई हैं. अब कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी अपने बंगले को लेकर अड़े हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक उन्होंने डीके शिवकुमार के साथ दिसंबर 2028 तक सीएम आवास में रहने की डील की है.

कर्नाटक में यह पहली बार नहीं हो रहा है कि किसी पूर्व मुख्यमंत्री ने अपना बंगला छोड़ने से मना किया हो. इससे पहले साल 2021 में वीएस येदियुरप्पा भी मुख्यमंत्री पद से हटने के कुछ समय तक मुख्यमंत्री आवास में रहे थे.

सिद्दारमैया के बंगला नहीं छोड़ने की वजह से डीके शिवकुमार कुछ समय तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री आवास कावेरी बंगला में नहीं जाएंगे. फिलहाल वो अपने निजी घर में ही रहेंगे. इसके बाद उन्हें कोई सरकारी आवास अलॉट किया जा सकता है.

लालू परिवार पर लगे ये आरोप

बिहार में लालू प्रसाद यादव की सत्ता जाने के बाद से लालू यादव और उनका परिवार लंबे समय से सरकारी आवास में रह रहा है. सत्ता पक्ष के लोग लगातार आरोप लगा रहे हैं कि सरकारी आवास उनको अलॉट होने के बाद भी लालू परिवार बंगला खाली नहीं कर रहा है. मामला यहां तक बढ़ गया कि अब अदालत और प्रशासन में चला गया है. अब इस मुद्दे पर जमकर राजनीतिक विमर्श हो रहा है.

उत्तर प्रदेश में भी ऐसा वाकया सामने आ चुका है. मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद अखिलेश यादव ने सरकारी बंगला खाली तो किया, लेकिन आरोप लगाया गया कि उन्होंने बंगले में जितने नलके लगे थे, सबको निकाल लिया गया. यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय तक बन गया.

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अखिलेश यादव से पहले मुलायम सिंह यादव के साथ भी यह मामला जुड़ा हुआ था. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह यादव समेत कई राजनेताओं ने अपना बंगला खाली नहीं किया था. मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल लिया, तब जाकर उन्होंने अपना बंगला खाली किया. समाजवादी पार्टी ने इसे पूर्व मुख्यमंत्री के सम्मान के साथ खिलवाड़ करना बताया था.

-भारत एक्सप्रेस



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