ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राजनीति खत्म होने का नाम नहीं ले रही है, एक और जहां देश अपने सशस्त्र बलों की वीरता पर फक्र कर रहा है और विदेश भेजे गए प्रतिनिधिमंडल दुनिया को पाकिस्तान का असली चेहरा दिखा कर लौट रहे है वही विपक्ष लगातार ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए नजर आ रहा है.
राहुल गांधी ने मंगलवार को भोपाल में ऑपरेशन सिंदूर और प्रधानमंत्री मोदी को लेकर दिए बयान “ट्रम्प का एक फोन आया और नरेंद्र जी तुरंत सरेंडर हो गए.” को लेकर बुधवार को बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी कांग्रेस और राहुल गांधी पर जम कर बरसे.
बीजेपी सांसद ने बुधवार को बीजेपी हैडक्वाटर में एक प्रेसवार्ता में कहा कि एक तरफ भारत द्वारा भेजे गए संयुक्त संसदीय दल में तमाम विपक्षी दलों के सांसद, जिसमें कांग्रेस के सांसद भी है. वो दुनिया के भिन्न-भिन्न देशों में भारत के पक्ष को गंभीरता के साथ और पूरे राष्ट्र की एकजुटता के साथ रखकर वापस आ रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के स्वघोषित, स्वनामधन्य, सर्वकालीन सर्वोच्च नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी निहायत ही ओछी और स्तरहीन बातें करके यह विश्व को बता रहे हैं कि नेता प्रतिपक्ष का पद पाने के बाद भी उनके अंदर गंभीरता और नेता प्रतिपक्ष की परिपक्वता का घोर अभाव है.
बीजेपी सांसद ने नेता प्रतिपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी ने जिस प्रकार से हमारी सेना द्वारा दिखाए गए अप्रतिम शौर्य और सेना के अधिकारियों द्वारा जिस प्रकार से ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का विवरण दिया है, उसको सरेंडर से तुलना करना, ये दर्शाता है कि उनकी ये मानसिकता कितनी खतरनाक हो चुकी है.
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक ऐसा बयान दिया है जो आश्चर्यजनक रूप से अपरिपक्वता का स्तर दर्शाता है. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की तुलना आत्मसमर्पण से करना न केवल भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति गहरी अवमानना दिखाता है, बल्कि उनकी कमजोर मानसिकता को भी उजागर करता है.
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अब तक(राहुल गांधी) उन्हें पाकिस्तान का पोस्टर बॉय माना जाता रहा है, लेकिन पाकिस्तान की सेना या आतंकवादी संगठनों ने भी ऐसा अपमानजनक बयान नहीं दिया है. एक सवाल उठता है क्या वह एक कदम आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं?
बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सशस्त्र बलों का सम्मान नहीं करते हैं और उनकी इस टिप्पणी से देश की सुरक्षा और एकता को खतरा हो सकता है. राहुल गांधी ने ऐसा बयान दिया है जो पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने भी नहीं बोला, पाकिस्तान के किसी आतंकी संगठन ने भी नहीं बोला, मौलाना मसूद अजहर ने भी नहीं बोला, हाफिज सईद ने भी नहीं बोला.
बीजेपी प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि इसमें किसी ने ये शब्द नहीं बोला है कि भारत ने सरेंडर किया है, बल्कि उन लोगों ने अपनी अपनी तकलीफों का इजहार गाहे-बगाहे किया है, और राहुल गांधी जब ये बोल रहे हैं तो मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या आप उन नेताओं से एक कदम आगे जाना चाह रहे हैं? भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की घोषणा की, बीजेपी नेताओं या उनके प्रवक्ताओं ने नहीं. जिस तरह से राहुल गांधी ने सशस्त्र बलों की सफलता की तुलना ‘आत्मसमर्पण’ से की, वह उनके शौर्य और बलिदान का अपमान है.
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि असली आत्मसमर्पण कैसा दिखता है. दो साल पहले, राहुल गांधी ने सवाल उठाया था कि यूरोप और अमेरिका में लोकतंत्र के रक्षक चुप क्यों हैं और भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप क्यों नहीं कर रहे हैं. वह आत्मसमर्पण था.
-भारत एक्सप्रेस
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