राजस्थान में छात्राओं संग प्रिंसिपल का आपत्तिजनक वीडियो वायरल
Rajasthan Principal Viral Video: राजस्थान के अलवर जिले से एक बेहद शर्मसार और विवादित मामला सामने आया है. प्रतापगढ़ तहसील के पडाक छापली स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल लालचंद मीणा का 11वीं और 12वीं कक्षा की नाबालिग छात्राओं के साथ बांध के पानी में नहाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो गया है.
वीडियो सामने आते ही जहां एक तरफ परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा, वहीं दूसरी तरफ खबर वायरल होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया. विभाग ने तुरंत कड़ा एक्शन लेते हुए आरोपी प्रिंसिपल लालचंद मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
15 अगस्त का बताया जा रहा है वायरल वीडियो(Rajasthan Alwar Principal Viral Video)
मिली जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा यह शर्मनाक वीडियो 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के दिन का बताया जा रहा है. आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद स्कूल के प्रिंसिपल लालचंद मीणा कक्षा 11वीं और 12वीं की छात्राओं को लेकर पास के ही एक तालाब/बांध पर पहुंचे, जहां वे छात्राओं के साथ पानी में नहाते नजर आ रहे हैं.
इस घटना का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद यह कुछ ही घंटों में पूरे प्रदेश में ट्रेंड करने लगा और इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया.
परिजनों का फूटा गुस्सा
वीडियो सार्वजनिक होने के बाद ग्रामीणों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है. गुरु-शिष्य की मर्यादा को तार-तार करने वाले इस कृत्य के बाद आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठ रही है.
नाबालिग छात्राओं के साथ इस तरह की हरकत को बेहद गंभीर मानते हुए परिजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से प्रिंसिपल लालचंद मीणा पर पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेजने की मांग की है. हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है और पोक्सो की धाराएं जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जोड़ी जाएंगी.
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शिक्षा विभाग ने बिठाई उच्चस्तरीय जांच
मामला तूल पकड़ते ही शिक्षा विभाग के आला अधिकारी तुरंत एक्शन में आ गए. विभाग ने प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपी प्रिंसिपल को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक टीम का गठन किया है. शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह मामला एक शिक्षक और संस्था प्रधान के आचरण के पूरी तरह खिलाफ है.
सस्पेंशन के बाद अब इस बात की भी जांच की जा रही है कि प्रिंसिपल छात्राओं को वहां किस नीयत से लेकर गया था और क्या इसके पीछे कोई और भी शामिल है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी के खिलाफ बर्खास्तगी और सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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