Rajasthan UPSC fraud: राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ ज़िले के बानसूर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां नांगल भाव सिंह गांव के रहने वाले निशांत कुमार ने दावा किया कि उसने UPSC परीक्षा में 899वीं रैंक हासिल की है. लेकिन जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा निकला.
गांव में जश्न और नेताओं की बधाई
6 मार्च को जैसे ही रिजल्ट की चर्चा फैली, निशांत के घर पर जश्न का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने उसे कंधों पर बैठाकर जुलूस निकाला और ढोल-नगाड़ों के साथ पूरे गांव में घुमाया. इतना ही नहीं, पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुन्तला रावत समेत कई जनप्रतिनिधि भी उसे बधाई देने पहुंचे. मंच सजाया गया और निशांत ने अपनी कथित सफलता की कहानी सुनाकर सबको प्रभावित किया.
एडमिट कार्ड में हेरफेर
जांच में सामने आया कि निशांत ने एडमिट कार्ड में छेड़छाड़ कर खुद को असली उम्मीदवार साबित करने की कोशिश की. उसने आगरा के एक वास्तविक उम्मीदवार की 899वीं रैंक को अपना बताकर लोगों को गुमराह किया.
QR कोड से खुली पोल
सच्चाई तब सामने आई जब किसी ने एडमिट कार्ड पर मौजूद QR कोड स्कैन किया. स्कैन करते ही असली जानकारी सामने आ गई, जो निशांत के दावों से बिल्कुल अलग थी. इसके बाद पूरा मामला उजागर हो गया.
केवल प्रारंभिक परीक्षा पास
जांच में यह भी पता चला कि निशांत ने सिर्फ प्रारंभिक परीक्षा दी थी और मुख्य परीक्षा में सफल नहीं हो पाया था. UPSC की आधिकारिक चयन सूची में उसका नाम कहीं नहीं था.
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
अब इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है. दस्तावेजों में छेड़छाड़ और धोखाधड़ी के इस मामले में युवक पर कानूनी शिकंजा कस सकता है. इस घटना ने सिस्टम की जांच प्रक्रिया और सत्यापन तंत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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