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राजस्थान में विधायकों के टिकट कटने पर बढ़ा बवाल, पायलट समर्थक MLA ने दिया इस्तीफा

Rajasthan Election 2023: राजस्थान में कांग्रेस पार्टी जैसे-जैसे अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर रही है, वैसे वैसे पार्टी का आंतरिक स्तर पर विरोध हो रहा है.

Rajasthan Election 2023: राजस्थान विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी करनी शुरू कर दी है लेकिन कांग्रेस के लिए एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है. प्रत्याशियों की 5वीं लिस्ट जारी होने के बाद जिन विधायकों के टिकट कटे हैं, उनका गुस्सा भड़क उठा है. इस मामले में अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष और सचिन पायलट ग्रुप के समर्थक विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा ने इस्तीफा तक दे दिया है. नाराज विधायकों द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर घोषित प्रत्याशियों के खिलाफ विरोध भी दर्ज किया गया है.

जानकारी के मुताबिक राजस्थान के संगोद से कांग्रेस के विधायक भरतसिंह कुंदनपुर ने कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखा है और अपना टिकट कटने के साथ ही घोषित किए गए प्रत्याशी का विरोध किया है, जिसके चलते पार्टी के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है.

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पार्टी के फैसले पर खड़े किए सवाल

इस मामले में विधायक भरत सिंह ने प्रदेश के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को पत्र लिखा है और संगोद विधानसभा से भानुप्रताप को प्रत्याशी बनाया गया है. उनका कहना है कि घोषित प्रत्याशी तो विधानसभा के निवासी भी नहीं हैं. उन्होंने पार्टी के इस फैसले को संगोद विधानसभा का अपमान बता दिया है. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा है कि भानुप्रताप को प्रत्याशी बनाने में काजी निजामुद्दीन की भूमिका भी संदिग्ध है. विधायक ने अपने पत्र के नजरंदाज किए जाने पर भी खेद जताया है.

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विधायक ने कांग्रेस अध्यक्ष 

दूसरी ओर खिलाड़ी लाल बैरवा ने कांग्रेस अध्यक्ष को ही पत्र भेज दिया है. इसमें बैरवा नेआरोप लगाए कि प्रदेश के कांग्रेस नेता एससी वर्ग के लोगों की आवाज दबाने का काम कर रहे हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा है कि मैंने सरकार से बार-बार आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने की मांग की, ताकि पीड़ितों को पारदर्शी तरीके से न्याय दिलवाया जा सके, लेकिन आयोग को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया गया,

-भारत एक्सप्रेस



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