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8 साल की ऊंटनी और 11 माह का गर्भ… शिकारियों की एक गोली ने ली दो जान, गर्भवती ऊंटनी की हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठा सवाल

पाली में अज्ञात शिकारियों ने गर्भवती ऊंटनी पर गोली चलाकर उसकी और उसके भ्रूण की जान ले ली है.

राजस्थान के पाली से एक ऐसी खबर आई है जिसे सुनकर किसी भी संवेदनशील इंसान का दिल पसीज जाए. यहां बेजुबान जानवरों के प्रति क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गई. सदर थाना इलाके में अज्ञात शिकारियों ने एक गर्भवती ऊंटनी को निशाना बनाते हुए उस पर गोलियां बरसा दीं. इस कायराना हमले में ना सिर्फ उस बेगुनाह ऊंटनी की जान गई, बल्कि उसके पेट में पल रहा नन्हा बच्चा भी दुनिया देखने से पहले ही खत्म हो गया.

यह पूरी घटना भाम्बोलाई क्षेत्र की है. पीड़ित पशुपालक घेवरराम देवासी (65) ने बताया कि उनकी 8 साल की ऊंटनी 9 जनवरी की सुबह करीब नौ बजे पास की सरकारी जमीन पर चरने के लिए गई थी. शाम ढल गई, रात बीत गई, लेकिन जब ऊंटनी वापस घर नहीं लौटी, तो परिवार की चिंता बढ़ गई. अगले दिन जब खोजबीन शुरू हुई, तो जो मंजर दिखा उसने सबको झकझोर कर रख दिया. ऊंटनी का शरीर झाड़ियों के पास बेजान पड़ा था.

शरीर पर मिले बंदूक के छर्रे

शुरुआत में लगा कि शायद किसी जंगली जानवर ने हमला किया होगा, लेकिन जब ऊंटनी के शरीर की बारीकी से जांच की गई, तो सच सामने आ गया. ऊंटनी के पैरों में तीन अलग-अलग जगहों पर बंदूक के छर्रे धंसे हुए थे. साफ था कि शिकारियों ने उसे मारने की नीयत से उस पर गोलियां चलाई थीं. सबसे ज्यादा दुखद बात यह है कि वह ऊंटनी 11 महीने की गर्भवती थी. इस हमले ने एक साथ दो जान ले लीं.

पशुपालक का रो-रोकर बुरा हाल

देवासी समाज के लिए ऊंट सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य जैसा होता है. घेवरराम ने बताया कि इस ऊंटनी की कीमत करीब एक लाख रुपये थी, लेकिन उनके लिए यह घाटा पैसों से कहीं बढ़कर है. 11 जनवरी को उन्होंने सदर थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई. उनकी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अज्ञात शिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

पुलिस क्या कह रही है?

सदर थाने के एएसआई (ASI) राजेंद्र सीरवी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. प्रथम दृष्टया यह अवैध शिकार और पशु क्रूरता का गंभीर मामला लग रहा है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इलाके में बंदूक लेकर घूमने वाले ये शिकारी कौन थे और उनका मकसद क्या था.

इलाके में बढ़ रहा है गुस्सा

पाली के स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है. लोगों का कहना है कि अगर आबादी वाले इलाकों के पास इस तरह सरेआम गोलियां चल रही हैं और बेजुबान जानवरों का शिकार हो रहा है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है. ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत ना कर सके.

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भारत एक्सप्रेस



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