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एयर मार्शल के इंटरव्यू पर सवाल, ट्रस्ट ने दिखाई लिस्ट तो बैकफुट पर आए IPS, क्या है पूरा विवाद?

Ram Mandir CEO Controversy: अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर के पहले CEO जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर उठे सवालों का ट्रस्ट ने खंडन किया. ट्रस्ट ने क्या बताया?

Questions raised over Air Marshal's interview

एयर मार्शल के इंटरव्यू पर सवाल

रिपोर्ट: मनमीत गुप्ता/ अयोध्या

Ram Mandir CEO Controversy: अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर के पहले CEO के रूप में पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को लेकर सवाल उठे. पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडे ने एक पॉडकास्ट में दावा किया कि मिश्रा ने इंटरव्यू नहीं दिया था और वह चयनित अभ्यर्थियों की सूची में भी शामिल नहीं थे. इस बयान के बाद मामला गरमा गया.

ट्रस्ट के महासचिव ने क्या कहा?

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देवगिरी ने पत्र जारी कर इन आरोपों का खंडन किया. उन्होंने बताया कि CEO पद के लिए कुल 5585 आवेदन आए थे. स्क्रीनिंग और विशेषज्ञ मूल्यांकन के बाद 16 उम्मीदवारों को 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में इंटरव्यू के लिए बुलाया गया. इनमें पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भी शामिल थे, जिन्होंने 11 अगस्त को पहली पाली में साक्षात्कार दिया था.

‘पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और संस्थागत मानकों के अनुरूप’

सर्च कमेटी ने 1 सितंबर को अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपी. इसमें तीन नाम सुझाए गए थे जिसमें पहला जितेंद्र मिश्रा, दूसरा संजय प्रताप सिंह विश्वास राव और तीसरा महिला प्रत्याशी श्रुति भारद्वाज. 2 सितंबर को महंत नृत्यगोपाल दास के आश्रम में हुई बैठक में इन नामों पर चर्चा हुई और मिश्रा को CEO चुना गया. गोविंद देवगिरी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और संस्थागत मानकों के अनुरूप थी.

चयन समिति में दिग्गज हस्तियां

CEO चयन प्रक्रिया में पूर्व न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल थे. इन तीनों ने चयन को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में अहम भूमिका निभाई.

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का करियर

जितेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना में 39 वर्षों तक सेवा की है. वह ऑपरेशन सिंदूर में रणनीतिक भूमिका निभा चुके हैं. मिश्रा वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे और इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के डिप्टी चीफ भी रहे. उन्हें युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल और स्वतंत्रता दिवस की 50वीं व 75वीं वर्षगांठ पर विशेष मेडल से सम्मानित किया गया है.

विवाद बढ़ने के बाद राजेश पांडे का यू-टर्न

विवाद बढ़ने के बाद राजेश पांडे ने अपने बयान से पलटी ली. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मीडिया में गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मिश्रा इंटरव्यू में शामिल नहीं हुए थे. पांडे ने स्वीकार किया कि पॉडकास्ट के दौरान उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया. इस मामले में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने भी ट्रस्ट को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई थी.

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राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने साफ किया कि CEO चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही और जितेंद्र मिश्रा ने बाकायदा इंटरव्यू दिया था. विवाद के बाद राजेश पांडे ने सफाई देकर अपने बयान से पीछे हटते हुए ट्रस्ट के पक्ष को मजबूती दी.

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-भारत एक्सप्रेस



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