वित्त वर्ष 2023-24 में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) ने 7,571 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है. यह जानकारी मंगलवार को संसद में दी गई. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि हाल के वर्षों में RRBs की वित्तीय स्थिति बेहतर हुई है. बैंक के कुल बैलेंस शीट का आकार 2021-22 में 7,04,556 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 8,40,080 करोड़ रुपये हो गया है.
NPA घटा, क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात बढ़ा
उन्होंने बताया कि आरआरबी के शुद्ध एनपीए (Net NPA) में गिरावट आई है. यह 2021-22 में 4.7% था, जो 2023-24 में घटकर 2.4% हो गया है. वहीं, क्रेडिट-टू-डिपॉजिट अनुपात 64.5% से बढ़कर 71.4% हो गया है.
सरकार ने आरआरबी की भूमिका की समीक्षा भी की है. इसमें प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना जैसी वित्तीय समावेशन योजनाओं पर ध्यान दिया गया है.
किसानों के लिए ब्याज सब्सिडी और कर्ज सीमा बढ़ी
मंत्री ने बताया कि संशोधित ब्याज अनुदान योजना (MISS) के तहत सरकार 3 लाख रुपये तक के अल्पकालिक कार्यशील पूंजी ऋण पर 1.5% ब्याज सब्सिडी देती है. समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 3% की अतिरिक्त छूट मिलती है. इससे किसानों के लिए प्रभावी ब्याज दर 4% हो जाती है.
वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में सरकार ने KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) के तहत कर्ज सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की है.
डिजिटल लोन प्लेटफॉर्म को बढ़ावा
जन समर्थ पोर्टल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो 15 सरकारी ऋण और सब्सिडी योजनाओं को जोड़ता है. यह ऑनलाइन ऋण आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाता है.
इसके अलावा, कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप विकसित किए हैं. इससे किसानों और अन्य लाभार्थियों को कर्ज के लिए बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ती और सारी प्रक्रिया डिजिटल रूप से पूरी हो जाती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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