Revanth Reddy Election Age Limit
Revanth Reddy Election Age Limit: भारत में हमेशा से सांसद-विधायक बनने की उम्र को घटाने की मांग समय-समय पर होती रहती है. अब इसके समर्थन में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी आ गए हैं. उन्होंने कहा है कि राजनीति में युवाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ावा मिलना चाहिये. जब 21 साल की उम्र में कोई व्यक्ति IAS-IPS बन सकता है तो फिर सांसद-विधायक बनने में क्या बुराई है.
रेवंत रेड्डी ने चुनाव लड़ने की उम्र 21 साल करने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि वो इस दिशा में काम करने के लिए जिम्मेदार लोगों से बातचीत भी करेंगे.
तेलंगाना सीएम ने इसको लेकर दुनिया के विकसित देशों का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि अगर आप जर्मनी, ग्रेट ब्रिटेन, सिंगापुर और कई अन्य पड़ोसी देशों को देखें, तो 50 प्रतिशत से ज्यादा देशों में वोटिंग की उम्र 21 साल है.
जब वोटिंग की उम्र 18 साल है तो…
पहले हमारे यहां वोटिंग की उम्र 21 साल थी और विधानसभा व लोकसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 25 साल थी, और सब कुछ ठीक से चल रहा था. लेकिन जब वोटिंग की उम्र घटाकर 18 साल कर दी गई, तो अब चुनाव लड़ने की उम्र सीमा भी कम करने का समय आ गया है.
उन्होंने कहा कि 21 साल की उम्र में हम लोगों को आईएएस, आईपीएस और अन्य सिविल सेवक के तौर पर नियुक्त कर रहे हैं, उन्हें मेयर और जिला पंचायत अध्यक्ष बना रहे हैं, तो फिर विधानसभा और लोकसभा क्यों नहीं? इसलिए, मैं यह मुद्दा उठाना चाहता हूं क्योंकि भारत की लगभग 30 प्रतिशत आबादी Gen-Z पीढ़ी की है. उन्हें विधायक, सांसद, राज्य मंत्री और केंद्रीय मंत्री के तौर पर सेवा करने के मौके मिलने चाहिए.
युवाओं की ऊर्जा नहीं जाएगी बेकार
उन्होंने कहा कि मैं सभी से मिलूंगा और उनसे बात करूंगा. मैं इन लोगों के लिए अपनी पूरी कोशिश करूंगा क्योंकि मैं नहीं चाहता कि उनकी ऊर्जा बेकार जाए. मैं इस ऊर्जा को सही दिशा देना चाहता हूं. मैं उन्हें विधायक, सांसद और मंत्री बनाना चाहता हूं और देश की तरक्की व विकास में उन्हें हिस्सेदारी दिलाना चाहता हूं क्योंकि आबादी में उनकी हिस्सेदारी 30 प्रतिशत है, लेकिन उनका प्रतिनिधित्व 1 प्रतिशत भी नहीं है.
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नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर उन्होंने कहा कि पिछले शिक्षा मंत्रियों धर्मेंद्र प्रधान, स्मृति ईरानी और प्रकाश जावड़ेकर का हमने जो भविष्य देखा है, उनका राजनीतिक करियर खराब हो गया. नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी हमारे जानने वाले हैं और पड़ोसी राज्य के हैं. उन्हें बधाई दी है. उम्मीद है कि वह समस्याओं को खत्म करेंगे. युवाओं के मुद्दे को उन्हें याद दिलाने की कोशिश की.
-भारत एक्सप्रेस
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