उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से एक बेहद सनसनीखेज और सुरक्षा में भारी चूक का मामला सामने आया है. लखनऊ और कानपुर होकर नई दिल्ली जा रही वीआईपी ट्रेन ‘स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस’ (12003) पर गुरुवार शाम अज्ञात हमलावरों ने जमकर पथराव कर दिया. यह कोई आम घटना इसलिए नहीं है क्योंकि जिस ट्रेन और जिस कोच (E-1) को निशाना बनाया गया, उसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत सफर कर रहे थे. घटना के बाद रेलवे प्रशासन और खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ गई है.
कैसे रची गई साजिश? पैमेश्वर गेट के पास बरसे पत्थर
जानकारी के मुताबिक, संघ प्रमुख मोहन भागवत कानपुर में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दिल्ली लौट रहे थे. शाम करीब 7:20 से 8:00 बजे के बीच जब तेज रफ्तार शताब्दी एक्सप्रेस फिरोजाबाद शहर के थाना दक्षिण और रसूलपुर क्षेत्र के बॉर्डर इलाके (पैमेश्वर गेट) से गुजर रही थी, तभी अंधेरे का फायदा उठाकर किसी असामाजिक तत्व ने ट्रेन पर भारी पत्थर दे मारा. पत्थर सीधा ट्रेन के एग्जीक्यूटिव क्लास (E-1) कोच की खिड़की पर लगा, जिससे बाहरी शीशा बुरी तरह चटक गया. धमाके की आवाज से यात्रियों में दहशत फैल गई.
टूंडला में 7 मिनट रुकी ट्रेन
पथराव की सूचना मिलते ही पूरा रेलवे महकमा और जीआरपी (GRP) एक्शन में आ गई. टूंडला रेलवे जंक्शन पर जहां शताब्दी एक्सप्रेस का ठहराव सिर्फ 1 मिनट का होता है, वहां ट्रेन को पूरे 7 मिनट तक रोका गया. जीआरपी इंस्पेक्टर शेर सिंह और सुरक्षा बलों ने पूरे कोच की सघन जांच की. राहत की बात यह रही कि इस खौफनाक पथराव में संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई. सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित करने के बाद ही ट्रेन को दिल्ली के लिए रवाना किया गया.
6 टीमें गठित, 1 संदिग्ध गिरफ्तार
मामला देश के सबसे बड़े वीआईपी लोगों में से एक से जुड़ा था, इसलिए उत्तर प्रदेश पुलिस के आला अधिकारी ADG आगरा जोन एस.के. भगत, DIG शैलेंद्र पांडे, SSP आदित्य लांग्हे और SP सिटी तुरंत ग्राउंड जीरो पर उतर आए. SSP आदित्य लांघे ने बताया कि इस संवेदनशील मामले का तुरंत पर्दाफाश करने के लिए पुलिस की 6 खास टीमें, 2 क्षेत्राधिकारी (CO), SOG और सर्विलांस टीम को लगा दिया गया है. फिरोजाबाद से टूंडला तक के सारे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में भी ले लिया है, जिससे कड़ी पूछताछ की जा रही है.
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टारगेटेड हमला या शरारत?
मोहन भागवत रात 10:13 बजे सुरक्षित नई दिल्ली पहुंच गए, लेकिन इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या जिस कोच में संघ प्रमुख बैठे थे, उसे जानबूझकर निशाना (Target) बनाया गया था, या फिर यह किसी असामाजिक तत्व की कोई घिनौनी शरारत थी? जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने के बाद ही इस ‘पथराव मिस्ट्री’ का असली सच दुनिया के सामने आएगा.
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