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8+10+11+11=4! क्या है TMC में बगावत का 40 बराबर 4 का गणित? 20 में आई 19 की लिस्ट

TMC Political Crisis: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत का सबसे बड़ा विस्फोट हुआ है. 4 दिन में 4 राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे के बाद अब लोकसभा के 20 सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को अलग गुट बनाने के लिए पत्र सौंपा है. देखें 19 बागी सांसदों की पूरी लिस्ट और समझें 8+10+11+11=4 का गणित?

TMC Political Crisis

TMC Political Crisis: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद TMC के भीतर शुरू हुआ आंतरिक घमासान अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है. कोलकाता से लेकर दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इस वक्त केवल दीदी के साम्राज्य में लगी बगावत की वह आग की ही चर्चा है. इसने तृणमूल के संसदीय दल को ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया है. यह संकट केवल कुछ नेताओं की नाराजगी भर नहीं है, बल्कि एक अत्यंत सधे हुए और अचूक ‘क्रोनोलॉजिकल राजनीतिक फॉर्मूले’ के तहत तृणमूल कांग्रेस की रीढ़ की हड्डी तोड़ने की स्क्रिप्ट है.

बगावत के गंभीरता गणितीय समीकरण वर्तमान परिस्थितियों में बिल्कुल सटीक बैठते हैं. 8+10+11+11= 40 नहीं 4! का यह फॉर्मूला असल में तारीखों और इस्तीफों का एक ऐसा ‘डेथ वारंट’ है जिसने टीएमसी के राज्यसभा विंग को सुन्न कर दिया है. दलबदल विरोधी कानून की धज्जियां उड़ाते हुए ममता बनर्जी से संसद के भीतर उनकी ही पार्टी छीनने का पूरा इंतजाम कर दिया है.

‘8+10+11+11=4!’ क्या है? (TMC Rebellion Formula)

इस बगावत का पहला सिरा राज्यसभा से जुड़ता है, जहां महज 4 दिनों के भीतर तृणमूल कांग्रेस के 4 कद्दावर और स्तंभ माने जाने वाले सांसदों ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा देकर पार्टी नेतृत्व के होश उड़ा दिए. अगर इस क्रोनोलॉजी को तारीखों के हिसाब से डिकोड करें तो आपका फॉर्मूला पूरी तरह जस्टिफाइ होता है. इन चार दिनों में हुए इन 4 बड़े धमाकों ने साफ कर दिया कि टीएमसी का शीर्ष नेतृत्व अपने सांसदों को एकजुट रखने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है.

  • 8 (8 जून): बगावत का बिगुल फूंकते हुए वरिष्ठ सांसद सुखेंदु शेखर ने 8 जून को इस्तीफा दिया.
  • 10 (10 जून): इसके ठीक दो दिन बाद 10 जून को तेजतर्रार महिला नेता सुष्मिता देव ने राज्यसभा छोड़ी.
  • 11 (11 जून): संकट तब महा-संकट में बदल गया जब 11 जून को एक ही दिन में दो और सांसदों प्रकाश चिक और कोयल मल्लिक ने अपने इस्तीफे सौंप दिए.

20 बागियों में आई 19 की लिस्ट ( 19 Rebel TMC MPs List)

राजनीतिक गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, इन बागी सांसदों ने बहुत पहले यानी 18 मई को ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के कार्यालय में अपने हस्ताक्षरों वाला एक सीक्रेट पत्र भेज दिया था. इस पत्र में साफ तौर पर मांग की गई है कि सदन के भीतर उन्हें टीएमसी से अलग कर एक ‘स्वतंत्र गुट’ के रूप में बैठने की जगह दी जाए. सूत्रों के हवाले से उन 20 सांसदों में से 19 की जो लिस्ट सामने आई है, उसने ममता बनर्जी के पैरों तले जमीन खिसका दी है. इस लिस्ट में पार्टी के सबसे पुराने वफादार, फिल्मी सितारे और कद्दावर मुस्लिम चेहरे शामिल हैं.

  • 1. काकोली घोष दस्तीदार
  • 2. शताब्दी रॉय
  • 3. बापी हलधर
  • 4. डॉ. शर्मिला सरकार
  • 5. प्रसून बंद्योपाध्याय
  • 6. जगदीश बर्मा बसुनिया
  • 7. असित कुमार मल
  • 8. अरूप चक्रवर्ती
  • 9. रचना बनर्जी
  • 10. सायोनी घोष
  • 11. खलीलुर रहमान
  • 12. अबू ताहिर खान
  • 13. यूसुफ पठान
  • 14. मिताली बाग
  • 15. माला रॉय
  • 16. कालीपद सोरेन
  • 17. दीपक अधिकारी
  • 18. जून मालिया
  • 19. पार्थ भौमिक
  • 20. ?

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TMC में असंतोष को ज्वालामुखी (TMC Crisis Update)

पश्चिम बंगाल के हालिया चुनावी नतीजों के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर उस असंतोष को ज्वालामुखी बना दिया जो लंबे समय से अभिषेक बनर्जी के एकाधिकार और तानाशाही रवैये के खिलाफ उबल रहा था. 18 मई को स्पीकर को भेजे गए पत्र और अब 19 सांसदों की इस पुख्ता लिस्ट के बाहर आने के बाद यह साफ है कि 8 जून से शुरू हुआ यह खेल सिर्फ एक शुरुआत है. अगर लोकसभा अध्यक्ष द्वारा इस 20 सदस्यीय बागी गुट को अलग मान्यता दे दी जाती है, तो बंगाल चुनाव के बाद राष्ट्रीय राजनीति का पूरा परिदृश्य बदल जाएगा और ममता बनर्जी की पार्टी संसद में महज एक छोटे से क्षेत्रीय गुट के रूप में सिमट कर रह जाएगी.



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