Bharat Express DD Free Dish

नाबालिग छात्र की आत्महत्या पर सेंट कोलंबस स्कूल में हंगामा, तीन टीचर सस्पेंड, दिल्ली सरकार ने जांच कमेटी बनाई

दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल ( Delhi St. Columbus School) में 16 वर्षीय छात्र की आत्महत्या के बाद हंगामा. आरोपों के बाद तीन टीचर सस्पेंड, दिल्ली सरकार ने जांच कमेटी बनाई.

Delhi-saint-columbus-student-suicide-three-teachers-suspended.

दिल्ली में एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. सेंट कोलंबस स्कूल के 16 वर्षीय छात्र शौर्य पाटिल ने आत्महत्या कर ली, जिसके बाद गुस्सा और आक्रोश सड़क पर दिखने लगा है. स्कूल के बाहर लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. माता-पिता, रिश्तेदार और दोस्तों का आरोप है कि शिक्षक लगातार शौर्य को निशाना बनाते थे और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे, जिसके कारण वह गहरे अवसाद में चला गया. बढ़ते दबाव के बीच स्कूल प्रशासन ने तीन शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया है, जबकि प्रदर्शनकारी निजी स्कूलों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं.

क्या है पूरा मामला ?

दिल्ली में स्थित सेंट कोलंबस स्कूल के 16 वर्षीय छात्र शौर्य पाटिल ने सुसाइड कर लिया है. परिवार वाले और दोस्तों ने बताया की शौर्य को शिक्षक अपना निशाना बनाते थे और प्रताड़ित करते थे, जिसके कारण वह गंभीर डिप्रेशन में चला गया था. इसके बाद उसने आत्महत्या जैसी भयावह कदम उठाकर अपनी जान गंवा दी.

प्रिंसिपल समेत तीन टीचर सस्पेंड

मामला बढ़ता देख अब स्कूल प्रशासन ने प्रिंसिपल अपराजिता पाल के अलावा तीन और टीचर युक्ति माझन, मनु कालरा और जूली वर्गीस को सस्पेंड कर दिया है. शौर्य के पिता ने बताया था, “मेरे बेटे ने जो सुसाइड नोट लिखा है, उसमें युक्ति माहाजन, प्रिंसिपल अपराजिता पाल, मनु कालरा और जूली वर्गीस के नाम लिखे हैं. उसने लिखा है कि इन्होंने मेरे बच्चे को टॉर्चर किया.”

दिल्ली सरकार ने समिति गठित कर रिपोर्ट मांगी

दिल्ली सरकार ने मामले की गंभीरता देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए. सरकार ने पांच सदस्यीय कमेटी बनाई और इसे 3 दिन में रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है.

ये भी पढे़ं: श्रम कानून में बड़ा बदलाव, अब सिर्फ एक साल की नौकरी पर मिलेगा ग्रेच्युटी का फायदा

यह मामला अब तुल पकड़ रहा है, क्योंकि लोगों का समर्थन शौर्य को मिल रहा है. दिल्ली सरकरा में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा “हमने कमिटी बनाई है, जो जांच कर जल्द रिपोर्ट देगी. मैं इस मामले को खुद बतौर अभिभावक भी देख रहा हूं. मेंटल हेल्थ को लेकर CBSE की तय गाइडलाइंस ठीक से लागू हो रही है या नहीं, इलकी जांच की जानी जरूरी है.”

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read