पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में लश्कर-ए-तैयबा के एक सक्रिय ट्रेनिंग कैंप की सैटेलाइट तस्वीर सामने आई है. केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस कैंप की पहचान ‘जंगल मंगल कैंप’ के तौर पर की है. सूत्रों के अनुसार, इस कैंप में आतंकवादियों को उग्रवादी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, और हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के तार भी इस ट्रेनिंग सेंटर से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है.
सैटेलाइट तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जंगल के बीच बने इस कैंप में कई टेंट, अस्थायी ढांचे और प्रशिक्षण के लिए उपयोग होने वाले खुले मैदान मौजूद हैं. एजेंसियों का मानना है कि यहां युवाओं को हथियारों की ट्रेनिंग, फिदायीन हमलों की रणनीति और भारतीय सुरक्षा बलों पर हमले करने के विशेष तरीके सिखाए जाते हैं.
सूत्रों के अनुसार, ‘जंगल मंगल कैंप’ नीलम घाटी के पास स्थित है और पिछले कुछ महीनों में यहां गतिविधियां तेज हुई हैं. यह भी जानकारी मिली है कि हाल ही में यहां से प्रशिक्षित आतंकियों के एक नए समूह को जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराने की कोशिश की गई थी. आशंका है कि पहलगाम में भारतीय सुरक्षाबलों पर हुए हमले को अंजाम देने वाले आतंकी भी इसी कैंप से प्रशिक्षित होकर आए थे.
भारतीय एजेंसियों की कड़ी नजर
सुरक्षा एजेंसियां अब इस कैंप पर विशेष नजर बनाए हुए हैं. खुफिया इनपुट्स के आधार पर भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने नियंत्रण रेखा (LoC) के आसपास निगरानी बढ़ा दी है. इसके साथ ही संभावित घुसपैठ को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी किए जा रहे हैं.
पाकिस्तान की भूमिका पर फिर उठे सवाल
PoK में आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं. भारत ने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहले भी यह मुद्दा उठाया है कि पाकिस्तान अपनी धरती और कब्जे वाले क्षेत्रों का इस्तेमाल भारत में आतंकवाद फैलाने के लिए कर रहा है.
क्या है पहलगाम हमला?
हाल ही में पहलगाम में सुरक्षाबलों के काफिले पर आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया था, जिसमें कई जवान घायल हुए थे. प्रारंभिक जांच में पता चला था कि हमलावर पेशेवर तरीके से प्रशिक्षित थे और हमले की रणनीति बेहद सुनियोजित थी. अब, जंगल मंगल कैंप की जानकारी मिलने के बाद जांच एजेंसियां इस हमले के तार वहां से जोड़ने में जुट गई हैं.
अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने की संभावना
सैटेलाइट इमेज सामने आने के बाद भारत इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की तैयारी कर रहा है. उम्मीद की जा रही है कि भारत पाकिस्तान पर वैश्विक दबाव बढ़ाएगा ताकि वह आतंकवाद को समर्थन देना बंद करे और PoK में मौजूद ऐसे कैंप्स को खत्म करे.
-भारत एक्सप्रेस
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