पर्यटन स्थल के आसपास अवैध शराब फोटो- भारत एक्सप्रेस
शहादा/अभिषेक: महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में सतपुड़ा की पहाड़ियों की गोद में बसा उनपदेव अपने प्राकृतिक गर्म पानी के झरने के लिए पूरे राज्य में मशहूर है. गाय के मुख (गोमुख) से साल भर बहने वाले इस 58 डिग्री सेल्सियस गर्म पानी को देखने और इसमें स्नान करने दूर-दूर से पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं. लेकिन अब इस पवित्र और खूबसूरत पर्यटन स्थल की आबोहवा में ‘अवैध शराब’ (हाथभट्टी) की दुर्गंध घुलने लगी है.
इलाके में बड़े पैमाने पर गैर-कानूनी शराब की फैक्ट्रियां चलने के सनसनीखेज आरोपों ने स्थानीय प्रशासन और राज्य आबकारी विभाग (State Excise Department) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पर्यटन के फंड पर ‘शराब माफिया’ का ग्रहण
एक तरफ सरकार उनपदेव जैसे पर्यटन स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों रुपये का फंड खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अगर उसी इलाके में अवैध शराब की भट्टियां धधक रही हों, तो यह स्थिति बेहद चिंताजनक है. स्थानीय लोगों का सीधा सवाल है कि आखिर इन शराब माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है? हाथभट्टी बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले सड़े हुए वॉश और केमिकल से न केवल उनपदेव का प्राकृतिक झरना, बल्कि आसपास की नदियां और पर्यावरण भी बुरी तरह प्रदूषित हो रहा है.
आबकारी विभाग की ‘चुप्पी’ पर उठते सवाल
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा शक की सुई स्टेट एक्साइज डिपार्टमेंट और स्थानीय पुलिस की तरफ घूम रही है. क्या विभाग को इतने बड़े स्तर पर चल रहे अवैध धंधे की कोई भनक नहीं है? क्या इलाके में नियमित पेट्रोलिंग (गश्त) और निरीक्षण सिर्फ कागजों तक ही सीमित है?
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हाल ही में मई महीने में म्हसावद पुलिस ने शहादा के ही शिरुड गांव में वाकी नदी के किनारे एक बड़ी रेड कर 1.59 लाख रुपये की अवैध शराब और 2800 लीटर सड़ा हुआ वॉश जब्त किया था. इसके बावजूद, अगर उनपदेव जैसे मुख्य पर्यटन स्थल के पास यह धंधा फिर से पनप रहा है, तो यह सिस्टम की बहुत बड़ी नाकामी है.
सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और जागरूक वर्गों ने मांग की है कि अगर उनपदेव में अवैध शराब बनने की बात सच है, तो प्रशासन तुरंत हरकत में आए. संबंधित जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन गहरी नींद से जागेगा, या फिर पर्यटन स्थल को शराब माफियाओं का अड्डा बनने के लिए यूं ही छोड़ दिया जाएगा.
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