Shahdol Paddy Purchase: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में धान खरीदी को लेकर बिचौलियों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है. हालात यह हैं कि किसान समितियों के चक्कर लगाकर मायूस लौट जाते हैं, जबकि बिचौलियों के लिए नियम-कानून का कोई मतलब नहीं रह गया है. पपौंध क्षेत्र से सामने आया मामला खरीदी व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है.
समिति संचालक की मनमानी
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित खैरा से जुड़ा मामला सामने आया है. यहां समिति संचालक ने बिचौलियों के घर पर बोरी भिजवाकर धान भरवाया. वहीं किसानों को खरीदी नहीं होने का हवाला देकर लौटा दिया गया.
भारत एक्सप्रेस ने किया खुलासा
भारत एक्सप्रेस की टीम ने साहस दिखाकर रात में मौके का जायजा लिया. कैमरे में कैद वीडियो में साफ दिखा कि ग्राम पपौंध निवासी लालजी जायसवाल, जो हर साल धान खरीदी में बिचौलिये के रूप में सक्रिय रहते हैं, के घर समिति द्वारा बोरी भेजी गई. वहां धान भरा गया और रात 9 बजे के बाद पिकअप वाहन (MP28 GA 5782) से खरीदी केंद्र तक पहुंचाया गया.
नियमों की खुलेआम अनदेखी
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शनिवार को आधिकारिक खरीदी बंद होने के बावजूद रात करीब 10 बजे धान की आवक कराई गई. ड्राइवर ने खुद जानकारी दी कि नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई है.
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इस पूरे मामले ने धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. किसानों को दिनभर इंतजार कराया जाता है, जबकि बिचौलियों के लिए रात में खरीदी का रास्ता खोल दिया जाता है. अब देखना यह है कि खुलासा होने के बाद शासन-प्रशासन क्या कदम उठाता है या फिर यह पूरा सिस्टम का खेल ही साबित होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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