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‘हंसते-हंसते फांसी के फंदे को…’, शहीद राजगुरु की जयंती पर अमित शाह क्या बोले?

शहीद शिवराम हरि राजगुरु की जयंती पर अमित शाह ने उन्हें नमन करते हुए उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद किया. गृह मंत्री ने कहा कि राजगुरु का बलिदान युवाओं को हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से देश सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा.

Shaheed Rajguru

शहीद राजगुरु जयंती पर अमित शाह ने उन्हें नमन किया

महान क्रांतिकारी और भारत माता के अमर बलिदानी शिवराम हरि राजगुरु की पावन जयंती के अवसर पर पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है. इस ऐतिहासिक और गौरवमयी मौके पर केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शहीद राजगुरु की शहादत को नमन करते हुए देशवासियों और विशेषकर युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया है.

गृह मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि मात्र 22 वर्ष की अल्पायु में दिया गया राजगुरु का सर्वोच्च बलिदान देश के युवाओं को सदैव ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से जीने और देश सेवा के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता रहेगा.

‘अंग्रेजी हुकूमत के आगे नहीं झुकाया सिर'(Shaheed Rajguru Jayanti)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक विशेष संदेश साझा करते हुए शहीद राजगुरु के अदम्य साहस और देशभक्ति को नमन किया. गृह मंत्री ने लिखा कि मातृभूमि की स्वाधीनता को ही अपने जीवन का एकमात्र ध्येय बनाकर राजगुरु ने भगत सिंह और सुखदेव के साथ मिलकर क्रांति की ऐसी ज्वाला प्रज्वलित की, जिसने पूरे स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा व ऊर्जा दी. अंग्रेजी हुकूमत के भयानक अत्याचारों के आगे उन्होंने कभी अपना सिर नहीं झुकाया और हंसते-हंसते फांसी के फंदे को गले लगा लिया.”

 

‘युवाओं को हमेशा प्रेरित करेगा ‘राष्ट्र प्रथम’ का संकल्प’

अमित शाह ने अपने संदेश में युवाओं के लिए शहीद राजगुरु की सोच को एक पथ-प्रदर्शक बताया. उन्होंने जोर देकर कहा कि 22 साल की उम्र में जब युवा अपने करियर के बारे में सोचते हैं, उस दौर में राजगुरु ने भारत माता की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया.

गृह मंत्री ने कहा कि उनका यह अमर बलिदान और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण देश की भावी पीढ़ियों को ‘राष्ट्र प्रथम’ (Nation First) के मूल मंत्र पर चलने और औपनिवेशिक मानसिकता के खिलाफ निडर होकर खड़े रहने का मार्ग दिखाता रहेगा.

भगत सिंह और सुखदेव संग बनाई अमर त्रिमूर्ति

गौरतलब है कि शिवराम हरि राजगुरु, अमर शहीद भगत सिंह और सुखदेव थापर के साथ भारतीय स्वाधीनता संग्राम के उस गौरवशाली अध्याय के नायक रहे हैं, जिसने पूरे देश के जनमानस में आजादी की अलख जगाई थी. 23 मार्च 1931 को देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण आहुत करने वाली इस अमर त्रिमूर्ति की गाथा आज भी हर भारतीय के दिल में देशभक्ति का ज्वार पैदा करती है. गृह मंत्री अमित शाह के इस प्रेरणादायक संदेश के साथ ही आज पूरा देश अमर शहीद राजगुरु के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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