Shahzaad Bhatti Network Story
Shahzaad Bhatti Network : लखनऊ और दिल्ली में अलग-अलग तारीखों पर दर्ज हुए दो मामलों की जांच के दौरान, एजेंसियों को दोनों शहरों के आरोपियों के फोन से एक ही संदिग्ध नाम मिला- शहजाद भट्टी. यूपी ATS ने बुलंदशहर के दो युवकों को आर्मी एरिया की रेकी के आरोप में गिरफ्तार किया था. दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने भी पेट्रोल बम और ड्रोन से आए हथियारों से जुड़े दो मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है. दोनों जांच की डोर पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी के नेटवर्क तक जाती है. इस नेटवर्क पर आरोप लगता है कि यह सोशल मीडिया के जरिये भारतीय युवाओं को टारगेट करता है. दिल्ली पुलिस इसपर पिछले 9 महीने से नजर रखी हुई थी.
यूपी पुलिस ने 2 संदिग्धों को किया गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (UP ATS) को पाकिस्तान समर्थित टेरर मॉड्यूल के दो संदिग्धों, मोहम्मद उमर और फैजान की 5 दिनों की कस्टडी रिमांड मिल गई है. बुलंदशहर के रहने वाले इन दोनों आरोपियों को एटीएस ने 17 जून को गिरफ्तार किया था, जो अब 7 से 12 जुलाई तक पुलिस पूछताछ में रहेंगे.
जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी और गैंगस्टर आबिद जट्ट के सीधे संपर्क में थे. उमर के मोबाइल डेटा से लखनऊ के दिलकुशा कैंट का गूगल मैप स्क्रीनशॉट, कमांड हॉस्पिटल की तस्वीरें और सेना के संवेदनशील इलाकों (आर्मी एरिया) के वीडियो बरामद हुए हैं. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ये आरोपी पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर भारत के मुख्य शहरों में दहशत फैलाने और सैन्य ठिकानों की रेकी (जासूसी) कर बड़ी आतंकी साजिश रचने की फिराक में थे.
दिल्ली मामला : दो मॉड्यूल का पर्दाफाश
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 6 जुलाई को दो मॉड्यूल का पर्दाफाश किया. डीसीपी प्रवीण त्रिपाठी के मुताबिक शहज़ाद भट्टी का नेटवर्क छह से नौ महीने से निगरानी में था.
पहला मॉड्यूल पेट्रोल बम से जुड़ा था. दानिश और सलमान गिरफ्तार हुए, दोनों पाकिस्तान के राणा हुनैन के सम्पर्क में थे. इन्हें दिल्ली में किसी अहम प्रतिष्ठान को निशाना बनाने का काम सौंपा गया था.
दूसरा मॉड्यूल हथियार तस्करी से जुड़ा था. इस मामले में गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान के हसन गुजर के संपर्क में थे. पुलिस ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान में बैठे इनके आकाओं ने ड्रोन के जरिये भारतीय सीमा में हथियार गिराये, जिन्हें अमृतसर के मल्कियत ने उठाये. उसने इन हथियारों को तय्यब, अली फजल और जुबैर को बेचे.
इन तीनों ने मिल्कियत से हथियार खरीदकर उसे दिल्ली ले आए. बताया जा रहा है कि इन हथियारों से जो पैसे मिले उसे पाकिस्तान भेजा जा रहा था. जिसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में हो सकता था.
बता दें कि, जून में भी स्पेशल सेल ने इसी नेटवर्क से जुड़े 12 आरोपी पकड़े थे. ये सभी आरोपी पाकिस्तान में बैठे मोहम्मद कैफ, राणा हुनैन और आबिद जुट्ट के सीधे संपर्क में थे.
दोनों मॉड्यूल शहज़ाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े हैं, जो सोशल मीडिया के ज़रिए भारतीय युवाओं को टारगेट करता है.
तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान संगठन का भंडाफोड़
लखनऊ और दिल्ली, दोनों जांच में राणा हुनैन और आबिद जुट्ट का नाम आया है. पुलिस के मुताबिक दोनों शहज़ाद भट्टी नेटवर्क के हैंडलर हैं. फरवरी 2026 में पंजाब के गुरदासपुर में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम के संगठन ने जिम्मेदारी ली थी. दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह कोई स्वतंत्र संगठन नहीं, बल्कि शहज़ाद भट्टी नेटवर्क की एक पहचान है.
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NIA, दिल्ली पुलिस और यूपी ATS मिलकर जांच कर रहे हैं. एजेंसियों के मुताबिक नेटवर्क पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान और दिल्ली तक फैला है. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं.
(यह खबर सौम्या सिंह ने लिखी है. सौम्या भारत एक्सप्रेस में इंटर्न के रूप में काम कर रही हैं.)
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