Shahzad Bhatti Network
Shahzad Bhatti Network: स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े करीब 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि मोदी सरकार ने आईएसआई समर्थित आतंकी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करते हुए उसकी साजिशों को नाकाम किया है.
गृह मंत्रालय के मुताबिक, इस पूरे मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए (UAPA), भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और विस्फोटक पदार्थों से जुड़े कानूनों के तहत 80 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई हैं. जांच के दौरान एजेंसियों को कई आपत्तिजनक सामान भी मिले हैं.
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
मंत्रालय के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से आईईडी, पाकिस्तान में बने ग्रेनेड, पिस्टल, जासूसी कैमरे और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. इन बरामदगियों को जांच एजेंसियां काफी अहम मान रही हैं. उनका कहना है कि इससे नेटवर्क के सीमा पार संपर्क और उसके काम करने के तरीके को समझने में मदद मिल सकती है.
पिछले करीब एक साल में शहजाद भट्टी का नाम कई आतंकी मामलों की जांच में सामने आया है. जांच एजेंसियों का आरोप है कि भट्टी ने पाकिस्तान और खाड़ी देशों से अपना नेटवर्क चलाया. वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को अपने संपर्क में लाने और उन्हें नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश करता था.
कई हमलों की जांच में सामने आया नाम
शहजाद भट्टी का नाम 2025 में जालंधर के यूट्यूबर रोजर संधू के घर हुए ग्रेनेड हमले की जांच में भी सामने आया था. इसके अलावा अंबाला के बलदेव नगर में हुए आईईडी कार बम विस्फोट मामले में दाखिल चार्जशीट में भी उसका नाम बताया गया है.
जांच एजेंसियों ने हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन पर हुए ग्रेनेड हमले में भी भट्टी को कथित मास्टरमाइंड बताया है. इस मामले में बब्बर खालसा इंटरनेशनल से उसके कथित संपर्क की भी जांच की गई है.
ग्रेनेड से टारगेट किलिंग तक का आरोप
एजेंसियों के मुताबिक, भट्टी नेटवर्क पर ग्रेनेड, आईईडी और पेट्रोल बम जैसे हथियारों के जरिए हमले कराने के साथ-साथ टारगेटेड किलिंग की साजिश रचने का भी आरोप है. सुरक्षा एजेंसियां इसे पाकिस्तान से संचालित और कथित तौर पर आईएसआई समर्थित नेटवर्क मानकर जांच कर रही हैं.
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स्वतंत्रता दिवस से पहले हुई इस व्यापक कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम सफलता माना जा रहा है. हालांकि, नेटवर्क से जुड़े आरोपों और अलग-अलग मामलों में आरोपियों की भूमिका का अंतिम फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा.
-भारत एक्सप्रेस
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