Bengal politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय सबसे बड़े संकट से गुजर रही है. विधानसभा में टूट के बाद अब संसद में भी पार्टी में दरार की आशंका जताई जा रही है. इसी बीच केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता शांतनु ठाकुर ने कहा कि आने वाले दिनों में टीएमसी का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा. उन्होंने दावा किया कि कई बागी सांसद बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन पार्टी ने उनके लिए दरवाजे बंद कर दिए हैं.
विधानसभा से संसद तक कलह
चुनावी हार के बाद टीएमसी में अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ गया है. पंचायत स्तर से लेकर विधानसभा तक नेताओं ने इस्तीफा दिया है. विधानसभा में पार्टी दो हिस्सों में बंट चुकी है. ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट में करीब 58 विधायक बताए जा रहे हैं. अब संसद में भी टूट की संभावना जताई जा रही है.
बागी सांसदों की मांग
सूत्रों के अनुसार, टीएमसी के लगभग 19 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर अलग से बैठने और मान्यता देने की मांग की है. इससे साफ है कि पार्टी के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है और सांसद खुलकर विरोध का रास्ता अपना रहे हैं.
कीर्ति आजाद का बयान
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने ममता बनर्जी पर दर्ज एफआईआर को लेकर कहा कि यह कोई बड़ी या चौंकाने वाली बात नहीं है. उन्होंने कहा कि नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज होना आम बात है, चाहे वे झूठे हों या सही. आजाद ने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह बंगाल आए थे, तब उन्होंने भी कई विवादित भाषण दिए थे. यदि ममता बनर्जी पर मामला दर्ज हो सकता है तो उन पर भी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती.
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बागी नेताओं पर कार्रवाई
ममता बनर्जी ने पार्टी के भीतर बगावत करने वाले नेताओं पर सख्त कदम उठाए हैं. सायोनी घोष को युवा इकाई के अध्यक्ष पद से हटाकर अर्णब बनर्जी को जिम्मेदारी दी गई है. वहीं सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय को उत्तर कोलकाता जिला अध्यक्ष पद से हटाकर कुणाल घोष को नया अध्यक्ष बनाया गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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