Shiv Sena UBT crisis
Shiv Sena UBT crisis: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर फूट का दौर चल रहा है. शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (UBT) पार्टी के नौ सांसदों में से छह सांसदों ने बगावत का रुख अपना लिया है. बता दें कि पिछले कुछ हफ्तों से शुरू हुई सांसदों की ‘खरीद-फरोख्त’ की चर्चा अब आधिकारिक बयानों से और पुख्ता हो गई है. शिवसेना UBT के सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने अपने ही सांसदों के 15 करोड़ रुपये में खरीदे जाने का दावा किया है.
सांसदों को 15 करोड़ का ऑफर- संजय राउत
शिवसेना UBT के सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि उनकी पार्टी के सांसदों को 15 करोड़ रुपये का ऑफर दिया जा रहा है. इसी के साथ बागी सांसदों पर तंज कसते हुए राउत ने पोस्ट की शुरुआत ‘अपना सपना मनी मनी’ लिखकर की. गौरतलब है कि उन्होंने इस पोस्ट में बीजेपी नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी टैग किया है.
अपना सपना मनी..मनी..!
Apna Sapna Money Money!
It’s shocking and revolting that Maharashtra MPs are reportedly being offered ₹15 crore each tonight to switch sides.@Dev_Fadnavis
— Sanjay Raut (@rautsanjay61) June 16, 2026
दिल्ली में चल रहा ‘ऑपरेशन टाइगर’
इस बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. सूत्रों का दावा है कि उद्धव ठाकरे गुट (यूबीटी) के नौ सांसदों में से छह अलग समूह बना सकते हैं और शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी का समर्थन कर सकते हैं. बता दें कि शिवसेना UBT गुट के दो बागी सांसद भी दिल्ली पहुंच चुके हैं. इसमें परभणी से सांसद संजय जाधव और यवतमाल-वाशिम से सांसद संजय देशमुख शामिल है.
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह यूबीटी के सांसदों की बैठक श्रीकांत शिंदे के दिल्ली स्थित आवास पर हो सकती है. बैठक में एकनाथ शिंदे के भी शामिल होने की संभावना है. इसके बाद सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं.
क्या है ‘ऑपरेशन टाइगर’? (What is Operation Tiger)
महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ समय से ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा भी तेज है. माना जा रहा है कि इसके तहत कुछ सांसद शिंदे गुट का दामन थाम सकते हैं, हालांकि एकनाथ शिंदे लगातार ऐसी अटकलों से इनकार करते रहे हैं. बता दें कि हाल ही में हुई उद्धव ठाकरे की सांसदों से बैठक में केवल चार सांसद मौजूद रहे. इसमें अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय दीना पाटील शामिल है. लेकिन बाद में दावा किया गया कि कुछ सांसद वर्चुअल माध्यम से जुड़े.
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सूत्रों के अनुसार, छह सांसद अलग समूह बनाकर बाद में शिवसेना के शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं. माना जा रहा है कि 19 जून को शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस से पहले यह राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ सकता है, जिससे उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लग सकता है. यदि सांसदों का यह संभावित अलगाव होता है, तो यह उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के लिए चार वर्षों में दूसरा बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा. इससे पहले जून 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना के 40 विधायक अलग हो गए थे, जिसके बाद पार्टी में बड़ी टूट देखने को मिली थी.
-भारत एक्सप्रेस
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