Bharat Express DD Free Dish

‘सपने देखो, साथ मिलकर आगे बढ़ो’: अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का युवा पीढ़ी को प्रेरणादायक संदेश

Astronaut Shubhanshu Shukla: एनसीसी रिपब्लिक डे कैंप में अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने युवाओं को देश के बड़े सपनों की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। उन्होंने धैर्य, निरंतर प्रयास और एकजुटता को विकसित भारत की असली ताकत बताया। जानें उनका पूरा संदेश….

Astronaut Shubhanshu Shukla Youth Message: दिल्ली कैंट में एनसीसी रिपब्लिक डे कैंप में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री (Indian Astronaut) शुभांशु शुक्ला ने युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश के बड़े सपनों की जिम्मेदारी अब युवा पीढ़ी पर है। असफलताओं से डरने की बजाय, निरंतर प्रयास करना जरूरी है। उनके अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव ने युवा मनोबल को और बढ़ाया। शुभांशु का मानना है कि जब युवा एकजुट होकर काम करेंगे, तब ही विकसित भारत का सपना सच होगा।

“युवा पीढ़ी पर बड़े सपनों की जिम्मेदारी”: शुभांशु

शुभांशु शुक्ला ने कहा कि हमारे देश के आने वाले सपनों को साकार करने की भूमिका आज की युवा पीढ़ी को निभानी है। यह जिम्मेदारी केवल सरकार या संस्थानों पर नहीं है, बल्कि हर युवा को इसे व्यक्तिगत मिशन की तरह लेना होगा। जब हर युवा इसे समझेगा, तभी देश तेजी से प्रगति कर सकता है। वहीं भविष्य के सपनों का उल्लेख करते हुए शुभांशु ने यह भी कहा कि भारत का 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाना और 2040 तक पहला भारतीय चंद्रयान मिशन भेजना आवश्यक है। उनका विश्वास है कि अगर देश की जनता दिल और दिमाग से एकजुट होकर काम करे, तो विकसित भारत का सपना 2047 से पहले पूरा हो सकता है।

यह भी पढ़ें: अमित शाह ने दी लोहड़ी की बधाई, बोले- सभी की सुख-समृद्धि का बने माध्यम

सफलता की यात्रा में धैर्य का रोल

अपने संबोधन में शुभांशु ने जीवन की चुनौतियों और असफलताओं के बारे में विचार साझा किए। उनका (Astronaut Shubhanshu Shukla) कहना था कि असफलताएं हमारी पहचान को निर्धारित नहीं करतीं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि लक्ष्य बड़ा हो तो धैर्य और लगातार प्रयास की आवश्यकता होती है। उन्होंने फिल्म ‘फाइंडिंग नीमो’ का उदाहरण देकर सिखाया कि जीवन के समंदर में हमेशा तैरते रहना चाहिए।

शुभांशु की अंतरिक्ष यात्रा का अनुभव

शुभांशु ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव साझा करते हुए बताया कि जिस लॉन्च पैड से वे गए थे, वह नील आर्मस्ट्रॉन्ग के चंद्र मिशन का प्रारंभिक बिंदु भी था। यह अनुभव उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रहा। उन्होंने कहा कि भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री (Indian Astronaut) राकेश शर्मा के बाद 41 सालों के बाद दूसरे अंतरिक्ष यात्री की यात्रा एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read