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सीकर में बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, झुलसा देने वाली गर्मी के बीच डेढ़ महीने से ठप है पानी की सप्लाई

Sikar Water Crisis: सीकर के वार्ड नंबर 64 और 65 में इन दिनों पेयजल संकट गहराता जा रहा है. क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पिछले करीब डेढ़ महीने से नियमित पानी सप्लाई नहीं हो रही है. सुबह से देर रात तक लोग पानी आने का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन नलों में पानी नहीं पहुंच रहा.

Sikar Water Crisis

Sikar Water Crisis

सीकर | रिपोर्ट : राहुल टांक


Sikar Water Crisis: पूरा उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में है. हालात ऐसे हैं कि लोग सुबह के 9 बजे के बाद ही घरों से निकलने से कतरा रहे हैं. झुलसा देने वाली गर्मी के इफेक्ट अब राजस्थान में दिखने शुरू हो गए हैं. कई जगहों पर पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं.

ऐसा ही एक मामला सीकर से आया है. जहां शहर के वार्ड नंबर 64 और 65 में इन दिनों पेयजल संकट गहराता जा रहा है. क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पिछले करीब डेढ़ महीने से नियमित पानी सप्लाई नहीं हो रही है. सुबह से देर रात तक लोग पानी आने का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन नलों में पानी नहीं पहुंच रहा.

गर्मी बढ़ने के साथ हालात और गंभीर हो गए हैं. महिलाएं दूर-दूर से पानी भरने को मजबूर हैं, वहीं बच्चों और बुजुर्गों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले 6 से 7 वर्षों से हर गर्मी में यही स्थिति बनती है, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया.

पानी की किल्लत से परेशान हैं लोग

क्षेत्रवासियों के अनुसार समस्या की सबसे बड़ी वजह वार्ड 64 और 65 की सीमा है. एक ही गली के दोनों तरफ अलग-अलग वार्ड होने से जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही. लोगों का आरोप है कि दोनों पक्ष अपने-अपने क्षेत्र की बात करते हैं और इसी विवाद के चलते कई जरूरी काम अधूरे रह जाते हैं.

पानी संकट के साथ-साथ सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है. गली-मोहल्लों में नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से बदबू और गंदगी फैल रही है. शिकायत करने पर लोगों को यह कहकर टाल दिया जाता है कि पार्षदों का कार्यकाल पूरा हो चुका है, इसलिए कार्रवाई संभव नहीं हो पा रही.

मजदूरी करके घर चला रही महिलाएं

महिलाओं ने बताया कि पहले नरेगा में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करना पड़ता है, फिर घर का काम संभालना पड़ता है और उसके बाद पानी के लिए घंटों भटकना पड़ता है. उनका कहना है कि पानी की समस्या अब सबसे बड़ी परेशानी बन चुकी है.

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बढ़ते आक्रोश के बीच वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पेयजल और सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.

-भारत एक्सप्रेस



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