केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने सरकारी कार्यालय, भवन और आवासीय कालोनियों में अगस्त माह तक स्मार्ट व प्रीपेड मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने स्मार्ट व प्रीपेड मीटर के साथ एग्रीगेट टेक्नीकल एंड कमर्शियल हानि (एटीएंडसी) को भी कम करने को लेकर लक्ष्य रखा है. मुंबई में आयोजित हुए पश्चिमी राज्यों के विद्युत सम्मेलन में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने विद्युत परियोजनाओं की समीक्षा की.
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने बिजली की खपत और आपूर्ति में सुधार के लिए विद्युत निगमों को आगामी 31 अगस्त तक सरकारी भवनों व आवासों पर स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश दिए हैं. स्मार्ट मीटरिंग कार्यों से बिलिंग को मजबूती मिलेगी और लाइन लोस भी घटेगा. यही नहीं, स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता ऊर्जा खपत का आकलन आसानी से स्वयं कर सकेगा और स्मार्ट मीटर की व्यवस्था में एआई/एमएल उपकरणों पर आधारित डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करके उपभोक्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाने की अपार क्षमता है.
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने एग्रीगेट टेक्नीकल एंड कमर्शियल हानि (एटीएंडसी) नुकसान को कम करने के लिए गुजरात, गोवा और छत्तीसगढ़ राज्यों की सराहना की. उन्होंने वितरण उपयोगिताओं (यूटिलिटीज) को आरडीएसएस के तहत बुनियादी ढांचे और स्मार्ट मीटरिंग कार्यों के कार्यान्वयन के माध्यम से दक्षता में सुधार करने पर जोर दिया. पश्चिमी राज्यों के विद्युत सम्मेलन में केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपद नाइक, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, गोवा विद्युत मंत्री रामकृष्ण, गुजरात विद्युत मंत्री कनुभाई मोहनलाल देसाई और महाराष्ट्र ऊर्जा मंत्री मेघना साकोरे बोर्डिकर प्रमुख रूप से मौजूद रहीं.
गीगावाट परमाणु विद्युत उत्पादन का लक्ष्य
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के तहत देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ परमाणु विद्युत उत्पादन का लक्ष्य है. 2047 तक देश में 100 गीगावाट परमाणु विद्युत उत्पादन का लक्ष्य रखा है. इसके लिए केंद्र व राज्यों के बीच समन्वय जरूरी है और केंद्रीय परियोजनाएं समयबद्ध अवधि के भीतर पूरी हों. क्षेत्रीय सम्मेलनों के जरिये विद्युत क्षेत्र में आ रही चुनौतियों के समाधान पर फोकस रहेगा, साथ ही राज्यों की आवश्यकता के अनुसार विद्युत खरीद के समझौतों पर जोर दिया जाएगा.
केंद्रीय मंत्री ने पश्चिमी राज्यों के विद्युत सम्मेलन में आह्वान किया कि राज्यों को पंप स्टोरेज परियोजनाओं और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के माध्यम से आवश्यक भंडारण क्षमता विकसित करने पर भी काम करना चाहिए.
सरकारी विभागों पर बकाया बिल पर हुई चर्चा
पश्चिमी राज्यों के विद्युत सम्मेलन में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने हर पहलू पर बारीकी के साथ चर्चा की और राज्यवार बिजली उत्पादन, आपूर्ति, लाइन लोस, बिलिंग की समीक्षा की. इसके साथ ही खराब टैरिफ संरचना, सब-ऑप्टिमल बिलिंग और संग्रह, सरकारी विभागों के बकाया और सब्सिडी के भुगतान मे देरी के मुद्दों पर भी चर्चा करते हुए इनका समाधान करने का आश्वासन दिया. ऊर्जा मंत्री ने वितरण क्षेत्र में एग्रीगेट ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन लॉस (एटीएंडसी) नुकसान और आपूर्ति की लागत तथा औसत प्राप्त राजस्व के बीच के अंतर को कम करने का आह्वान किया.
मुंबई में बढ़ेगी मेट्रो कनेक्टविटी
महाराष्ट्र दौरे के दौरान केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र और मुंबई में आवास एवं शहरी विकास को मजबूती देने का आश्वासन दिया. मुंबई में ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने के लिए मेट्रो नेटवर्क बढ़ाया जाएगा, जिसका कार्य प्रगति पर है और प्रस्तावित परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है. इस दौरान स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन परियोजनाओं, पुरानी कचरा साइट्स के निपटान और सिवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) के पानी का पुनः उपयोग बढ़ाने की प्रगति की भी समीक्षा की.
ये भी पढ़ें: ‘नाम बदलने से हकीकत नहीं बदलेगी’, चीन के अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के नाम बदलने पर भारत की दो टूक
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



