UP News: उत्तर प्रदेश में महाराजगंज जिले के भारत-नेपाल सीमा पर सोनौली इमीग्रेशन टीम ने एक थाई महिला को हिरासत में लिया. नेपाल से भारत में दाखिल होते समय उसके दस्तावेजों की जांच की गई. पासपोर्ट तो थाईलैंड का था लेकिन मोबाइल फोन की जांच में भारतीय आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी जैसे डिजिटल दस्तावेज मिले जो फर्जी तरीके से बनाए गए थे.
मोबाइल से मिले नकली दस्तावेज
महिला के फोन में आधार, पैन और निर्वाचन कार्ड डिजिटल रूप में मौजूद थे. जांच में सामने आया कि ये सभी दस्तावेज कूटरचित तरीके से तैयार कराए गए थे. इसके बाद सोनौली पुलिस ने महिला के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया.
महिला की पहचान
थाईलैंड की 43 वर्षीय महिला का नाम पासपोर्ट पर मिस चोन चुतिचिराफट दर्ज है. वह पर्यटक वीजा पर भारत आई थी. मोबाइल में मिले भारतीय दस्तावेजों में उसका नाम करुणा रूपनी देवी दास और पति का नाम मित्रलाल खनाल दर्ज था. पता मथुरा जिले के वृंदावन क्षेत्र का लिखा हुआ था. महिला ने बताया कि उसका परिवार थाईलैंड में रहता है और वह नेपाल के रास्ते भारत पहुंची थी.
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि महिला के खिलाफ सोनौली कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 77/36 दर्ज किया गया है. उस पर धारा 319 (2), 336 (3), 338 और 340 (2) के तहत कार्रवाई की गई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि भारतीय दस्तावेज किसके सहयोग से और किस माध्यम से तैयार कराए गए.
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खुफिया एजेंसियों की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां महिला से पूछताछ कर रही हैं. एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि महिला भारत कैसे आई, वृंदावन में कब रही और भारतीय पहचान पत्र किस तरह बनवाए. साथ ही यह भी जांच हो रही है कि कहीं अन्य लोग भी इस नेटवर्क में शामिल तो नहीं हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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