Sonia Gandhi on Women Reservation: महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर देश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है. कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को एक लेख के जरिए केंद्र की मोदी सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
सोनिया गांधी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि संसद के विशेष सत्र में विधेयक लाने का सरकार का असली मकसद महिलाओं को हक देना नहीं, बल्कि ‘परिसीमन’ का वह खतरनाक दांव है जो संविधान की मूल भावना पर हमला कर सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है.
महिला आरक्षण पर क्या बोलीं?
लेख में सोनिया गांधी ने जोर देकर कहा कि इस सप्ताह संसद में जो विधेयक लाया जा रहा है, उसका असल मुद्दा महिला आरक्षण के पीछे छिपा ‘परिसीमन’ प्रस्ताव है. उन्होंने इसे “अत्यंत खतरनाक” करार देते हुए कहा कि यह संविधान पर हमला है.
उनका तर्क है कि लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने वाला कोई भी परिसीमन केवल गणितीय आधार पर नहीं होना चाहिए बल्कि वह राजनीतिक रूप से भी न्यायसंगत होना चाहिए. उन्होंने चिंता जताई कि इसके जरिए कुछ राज्यों की राजनीतिक शक्ति को कम करने या असंतुलित करने का प्रयास किया जा सकता है.
सरकार की मंशा पर क्या सवाल उठाए?
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी असल मंशा जाति आधारित जनगणना को टालने और उसे पूरी तरह पटरी से उतारने की है. सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ऐसे समय में विधेयकों को जबरदस्ती पारित कराना चाहते हैं जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में चुनाव प्रचार चरम पर होगा. उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्ष को रक्षात्मक स्थिति में डालने और राजनीतिक लाभ लेने के लिए ही सरकार इस तरह की “जल्दबाजी” दिखा रही है.
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‘334-ए और 30 महीने का इंतजार’
सोनिया गांधी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें अनुच्छेद 334-ए जोड़कर आरक्षण को अगली जनगणना और परिसीमन के बाद लागू करने की शर्त सरकार ने ही रखी थी. उन्होंने याद दिलाया कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे 2024 से ही लागू करने की मांग की थी, जिसे सरकार ने अनसुना कर दिया.
साथ ही सोनिया ने तीखा सवाल पूछा कि अब जब सरकार आरक्षण को 2029 से लागू करने के लिए संशोधन की बात कर रही है, तो प्रधानमंत्री को अपना फैसला बदलने में 30 महीने क्यों लग गए?”
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-भारत एक्सप्रेस
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