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सुपौल के श्राद्ध भोज में परोसी गई ‘मौत की दाल’! 150 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती

Supaul Food Poisoning Case: सुपौल में श्राद्ध भोज के दौरान दाल में मरी हुई छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया. दूषित खाना खाने से बच्चों समेत 150 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

Supaul Food Poisoning Case

Supaul Food Poisoning Case Image

Supaul Food Poisoning Case: राजेश चौधरी/सुपौल: बिहार के सुपौल जिले के जदिया थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. यहां एक श्राद्ध भोज के दौरान खाने की दाल में मरी हुई छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया. दूषित भोजन खाने की वजह से बच्चों समेत 150 से अधिक लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिन्हें इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

सुपौल के जदिया थाना क्षेत्र में छोटकेलाल यादव की पत्नी के श्राद्ध भोज में दाल में मरी हुई छिपकली मिलने से भोजन दूषित हो गया. इसे खाने से बच्चों और वयस्कों समेत 150 से अधिक लोग बीमार हो गए. सभी को त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत अब खतरे से बाहर और स्थिर है (Supaul Bhoj Lizard).

श्राद्ध भोज में मरी हुई छिपकली मिली

बिहार के सुपौल जिले के जदिया थाना क्षेत्र में बीती देर रात श्राद्ध भोज खाने से 150 से अधिक लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए. छोटकेलाल यादव की पत्नी के श्राद्ध भोज में करीब 500 लोग शामिल हुए थे. भोजन के दौरान अचानक दाल में एक मरी हुई छिपकली मिली, जिसके कुछ ही देर बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी.

अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज में भर्ती ( Supaul food poisoning)

भोज खाने वाले बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी और बेचैनी की शिकायत की, वहीं बड़ों को चक्कर और घबराहट होने लगी. गांव में अफरा-तफरी मचने के बाद ग्रामीणों ने तुरंत बीमार लोगों को अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज (Triveniganj Hospital) पहुंचाया. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बीडीओ अभिनव भारती ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया.

150 से अधिक मरीजों का इलाज जारी

त्रिवेणीगंज अस्पताल के प्रभारी सुपरिटेंडेंट डॉ. इन्द्रदेव यादव ने बताया कि दाल में छिपकली मिलने की खबर से लोगों में डर फैल गया था. अस्पताल में 150 से अधिक मरीजों का इलाज जारी है, जिनमें बच्चों की संख्या सबसे अधिक है. राहत की बात यह है कि डॉक्टरों की मुस्तैदी के बाद सभी मरीजों की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर और खतरे से बाहर है (Jadiya Thana).

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-भारत एक्सप्रेस 



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