सुप्रीम कोर्ट ने तेलगु अभिनेता मोहन बाबू को बडी राहत मिल गई है. कोर्ट ने मोहन बाबू ने अग्रिम जमानत दे दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि पीड़ित को मुआवजा देंगे. उन्होंने कहा कि हमला जानबूझकर नही किया है. याचिकाकर्ता पदमश्री पुरस्कार से सम्मानित है और एक विश्वविद्यालय चलाते है.
मोहन बाबू पर पत्रकार पर हमला करने के आरोप में मुकदमा दर्ज है. जिसके बाद मोहन बाबू ने तेलंगाना हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था. पिछली सुनवाई के दौरान मोहन बाबू की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा था कि वह माफी मांगने के लिए तैयार है. पीड़िता की तरफ से अगर मुआवजे की मांग की जाती है तो वह देने का तैयार है. लिहाजा उसके खिलाफ हत्या का चार्ज न लगाया जाए.
500 से ज्यादा फिल्मों में कर चुके मोहन बाबू
मोहन बाबू साउथ की 500 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके है. मोहन बाबू द्वारा टीवी पत्रकार पर किए गए हमले के बाद पत्रकारों ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था और मोहन बाबू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. जिसके बाद मोहन बाबू ने एक माफीनामा जारी किया और पत्रकार से माफी मांगी. दर्ज एफआईआर में कहा कि जब वह 10 दिसंबर को मोहन बाबू और उनके छोटे बेटे मनोज के बीच हो रहे विवाद को कवर करने के लिए छोटे बेटे मनोज के बीच हो रहे विवाद को कवर करने के लिए उनके जलपल्ली स्थित आवास गए, तो तेलगु अभिनेता मोहन बाबू ने उनपर हमला कर दिया.
उन्होंने कथित तौर पर माइक छीन लिया और अपमानजनक एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा माइक से उन पर हमला कर दिया, जिससे पत्रकार को चोट लग गई. जिसके बाद पत्रकार की शिकायत पर पहाड़ीशरीफ पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 118 (1) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
-भारत एक्सप्रेस
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