Surat demolition mystery: कटारगाम के नशीर नगर इलाके में 3 जून को अचानक बुलडोजर चलाकर 100 से ज्यादा घर गिरा दिए गए. हैरानी की बात यह है कि किसी को पता ही नहीं कि यह कार्रवाई किसने की.
नगर निगम का बयान
सूरत म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (SMC) ने साफ कहा कि उन्होंने कोई आदेश जारी नहीं किया था और इस तोड़फोड़ में उनकी कोई भूमिका नहीं है. हालांकि, घटना के वक्त निगम के अधिकारी और पुलिस मौके पर मौजूद थे, जिससे सवाल और गहरे हो गए हैं.
निजी प्रोजेक्ट से जुड़ा शक
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई एक निजी निर्माण परियोजना के लिए सड़क बनाने के मकसद से की गई. भारी मशीनें लगाकर घरों को हटाया गया, लेकिन आधिकारिक आदेश का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला.
नेताओं की प्रतिक्रिया
कटारगाम के विधायक विनु मोराडिया ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया और कहा कि बिना निगम की अनुमति कोई घर नहीं गिरा सकता. उन्होंने मांग की कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
जांच की घोषणा
SMC की स्थायी समिति के चेयरमैन राजन पटेल ने कहा कि निगम ने कोई ढांचा नहीं गिराया है और इस पूरे मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है. वहीं, म्युनिसिपल कमिश्नर एम. नागराजन ने बताया कि निगम की टीम सिर्फ जमीन की सीमा तय करने गई थी, उसी दौरान किसी और ने ढांचे गिरा दिए.
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रहस्य बरकरार
अब सवाल यह है कि जब पुलिस और निगम अधिकारी मौके पर थे तो बिना आदेश के इतनी बड़ी कार्रवाई कैसे हो गई? प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन फिलहाल यह मामला ‘भूतिया तोड़फोड़’ के नाम से चर्चा में है.
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-भारत एक्सप्रेस
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