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सूरत पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे 119 बांग्लादेशियों को किया गिरफ्तार, डिपोर्ट की प्रक्रिया शुरू

पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन ग्रुप और विभिन्न थानों की टीमें शामिल थीं. गिरफ्तार किए गए लोगों में 26 पुरुष और 37 महिलाएं शामिल हैं. पूछताछ और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से इनकी पहचान की पुष्टि की गई.

illegal Bangladeshi deportation Surat

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सूरत पुलिस ने गुरुवार को शहर में अवैध रूप से रह रहे 119 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने भेस्तान, उन, पांडेसरा, चौक बाजार और रांदेर जैसे इलाकों में छापेमारी कर इन अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को पकड़ा. ये सभी किराए के मकानों में रहकर मजदूरी या लारी-गल्ला का काम करते थे.

सूरत के संयुक्त पुलिस आयुक्त राघवेंद्र वत्स ने बताया कि पूछताछ में इनके बांग्लादेशी होने के पुख्ता सबूत मिले हैं. अब इनका बायोमेट्रिक डेटा लिया जाएगा, ताकि भविष्य में ये भारत में दोबारा प्रवेश न कर सकें.

26 पुरुष और 37 महिलाओं को किया गया गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन ग्रुप और विभिन्न थानों की टीमें शामिल थीं. गिरफ्तार किए गए लोगों में 26 पुरुष और 37 महिलाएं शामिल हैं. पूछताछ और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से इनकी पहचान की पुष्टि की गई.

200 से अधिक अवैध प्रवासियों को किया जा चुका डिपोर्ट

राघवेंद्र वत्स ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, “इस कार्रवाई के तहत अब तक 119 बांग्लादेशियों को पकड़ा गया है. इससे पहले भी सूरत पुलिस 200 से अधिक अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को डिपोर्ट कर चुकी है.”

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नहीं मिला कोई दस्तावेज

उन्होंने बताया कि इन लोगों के पास से कोई ऐसा दस्तावेज नहीं मिला, जिससे उनकी नागरिकता साबित हो. हालांकि, पूछताछ और केंद्रीय एजेंसियों की जांच से इनके बांग्लादेशी होने की पुष्टि हुई. इनमें से किसी का आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस पूरी सावधानी बरत रही है. डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें केंद्रीय एजेंसियां भी शामिल हैं.

नियमों के तहत होगी डिपोर्टेशन की प्रक्रिया

उन्होंने कहा, “डिपोर्टेशन की प्रक्रिया तय नियमों के तहत होगी. इनके बायोमेट्रिक डेटा को केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा ताकि ये लोग दोबारा भारत में प्रवेश न कर सकें.” उनका कहना है कि बायोमेट्रिक डेटा यह सुनिश्चित करेगा कि इन लोगों के नाम पर कोई फर्जी दस्तावेज न बन सके.

उनके मुताबिक, सूरत पुलिस की यह कार्रवाई अवैध प्रवासियों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है. शहर में पहले भी ऐसी छापेमारी हो चुकी है, जिसमें सैकड़ों बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया.

– भारत एक्सप्रेस



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