पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज (शुक्रवार) का दिन भाजपा के लिए बेहद अहम रहा है. लंबे समय से जिस फैसले का इंतजार किया जा रहा था, आखिरकार उस पर मुहर लग गई. भाजपा विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया. इस फैसले के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला.
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया से बातचीत की और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसे और आशीर्वाद की वजह से ही उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है. साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी नेतृत्व का भी धन्यवाद किया. अधिकारी ने कहा कि भाजपा में लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत है और सभी विधायकों ने एकजुट होकर उन्हें समर्थन दिया.
संघर्ष करने वाले नेता हैं सुवेंदु
भाजपा के कई नवनिर्वाचित विधायकों ने भी इस फैसले का खुलकर स्वागत किया. विधायक अशोक डिंडा ने सुवेंदु अधिकारी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि वह पिछले कई वर्षों से सुवेंदु अधिकारी को करीब से देख रहे हैं और उनकी कार्यशैली बेहद मेहनती रही है. डिंडा के मुताबिक, सुवेंदु ऐसे नेता हैं जो लगातार घंटों सड़क यात्रा कर लोगों के बीच रहते हैं और जमीनी राजनीति को अच्छी तरह समझते हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी और ममता बनर्जी को कड़ी चुनौती दी. विधानसभा के अंदर विपक्ष के नेता के तौर पर उनका प्रदर्शन भी काफी आक्रामक और प्रभावशाली रहा. डिंडा ने भरोसा जताया कि उनके नेतृत्व में पश्चिम बंगाल विकास की नई दिशा में आगे बढ़ सकता है.
‘सोनार बांग्ला’ के सपने पर जोर
भाजपा नेताओं ने इस मौके पर “सोनार बांग्ला” के विजन की भी बात की. अशोक डिंडा ने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बंगाल तेजी से आगे बढ़ेगा और राज्य में विकास की नई तस्वीर दिखाई देगी.
इसी दौरान विधायक दिब्येंदु अधिकारी ने कहा कि भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और पार्टी की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत ही यह फैसला लिया गया. उन्होंने बताया कि बैठक में पहले दिलीप घोष ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसके बाद कई विधायकों ने उसका समर्थन किया.
अग्निमित्रा पॉल ने बताया सबसे मजबूत चेहरा
भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने भी सुवेंदु अधिकारी को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जिस तरह उन्होंने विधानसभा के अंदर और बाहर संघर्ष किया, वह उन्हें बाकी नेताओं से अलग बनाता है. पॉल के मुताबिक, पार्टी के पास उनसे बेहतर कोई दूसरा विकल्प नहीं था.
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