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डोनाल्ड ट्रंप ने दिया असली दिवाली मनाने का मौका! बन गया मूड तो फट जाएंगे अमेरिका के ‘पटाखें’

Donald Trump Tariffs: अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर 50% टैक्स लगाए जाने से लाखों मज़दूरों की रोज़ी पर संकट मंडरा रहा है. इस दीवाली विदेशी ब्रांड्स छोड़ें और स्वदेशी उत्पाद खरीदकर भारतीय परिवारों के घरों में रौशनी फैलाएं.

Donald Trump Tariffs

Donald Trump Tariffs News: इस बार दिवाली की रोशनी उन लाखों भारतीय परिवारों के लिए थोड़ी धुंधली पड़ सकती है, जिनकी रोज़ी-रोटी विदेशों में होने वाले निर्यात पर टिकी है. कपड़ा, गहने, कालीन और झींगा जैसी चीज़ें बनाने वाले मज़दूरों और किसानों के चेहरे पर चिंता साफ़ झलक रही है. वजह है की अमेरिका ने भारतीय सामानों पर भारी कर (50%) लगा दिया है.

अमेरिका में भारी टैक्स लगने के बाद भारतीय उत्पाद महंगे हो गए हैं. नतीजा यह है कि वहां की दुकानों पर अब भारतीय कपड़े, झींगा या कालीन कम बिकेंगे. इससे सीधे-सीधे उन फ़ैक्ट्रियों और खेतों पर असर पड़ेगा, जहां ये सामान तैयार होता है.

सरकार की कोशिशें और चुनौतियां

तमिलनाडु का ही उदाहरण लें लीजिए, यहां 75 लाख से अधिक लोग कपड़ों उद्योग में काम करते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एक्सपोर्ट घटा, तो करीब 30 लाख नौकरियों पर सीधा संकट आ सकता है. यही हाल आंध्र प्रदेश के झींगा किसानों, बिहार के मखाना उत्पादकों और उत्तर प्रदेश के कालीन उद्योग से जुड़े मज़दूरों का भी हो सकता है.

केंद्र सरकार नए बाज़ार तलाशने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसमें समय लगेगा. तब तक इन मज़दूरों और छोटे उद्योगों को सहारा चाहिए और यह सहारा हम-आप जैसे आम भारतीय ही दे सकते हैं.

‘मेक इन इंडिया’ की असली परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार कहते आए हैं ‘स्थानीय खरीदो, देश को बढ़ाओ’ इस संकट की घड़ी में यही नारा सबसे अहम है. जब हम भारतीय वस्त्र, गहने, कालीन या खाने-पीने की चीज़ें खरीदते हैं, तो हम केवल सामान नहीं ले रहे होते, बल्कि उन परिवारों की रोज़ी बचा रहे होते हैं जो इस उद्योग से जुड़े हैं. यूपी के कालीन, बिहार के मखाने, आंध्र का झींगा या तमिलनाडु के वस्त्र ये सब सिर्फ सामान नहीं, बल्कि लाखों घरों की आजीविका हैं.

इस बार दिवाली पर सिर्फ अपने घर ही नहीं, बल्कि उन घरों में भी दीप जलाएं, जिनका भविष्य हमारे चुनाव पर टिका है. विदेशी ब्रांड्स की बजाय स्वदेशी चुनें. जब हम भारतीय खरीदेंगे, तभी इन मज़दूरों के घरों में भी त्योहार की मिठास और रौनक बनी रहेगी.

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-भारत एक्सप्रेस 



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