बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सोमवार को एक बार फिर पटना के गर्दनीबाग पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. तेजस्वी ने आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों को अपना समर्थन दिया. उन्होंने साफ कहा कि छात्रों के मुद्दे को सिर्फ धरना स्थल तक सीमित नहीं रहने दिया जाएगा. विधानसभा के अंदर हो या सड़क पर, विपक्ष उनकी आवाज उठाता रहेगा.
तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन के साथ पूरा विपक्ष आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है. उनके मुताबिक, छात्रों के भविष्य और रोजगार से जुड़े सवालों पर सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए और आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से सीधे बातचीत करनी चाहिए.
BPSC के बयान पर जताई नाराजगी
मौके पर तेजस्वी यादव ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा व्यवस्था को लेकर दिए गए बयान पर भी कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि छात्रों से बातचीत करते समय अधिकारियों की भाषा मर्यादित और सम्मानजनक होनी चाहिए. किसी भी अधिकारी को आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जिससे उनकी भावनाएं आहत हों.
परीक्षा नियंत्रक के बयान का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने संबंधित अधिकारी से छात्रों से माफी मांगने की मांग की. उन्होंने कहा कि जिन अभ्यर्थियों के भविष्य का सवाल है, उनके साथ सम्मान से पेश आना प्रशासन की जिम्मेदारी है. तेजस्वी ने कथित तौर पर छात्रों को ‘कुत्ता-बिल्ली’ कहे जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणी करने वालों को माफी मांगनी चाहिए.
रोजगार और दूसरी मांगों पर सरकार को घेरा
तेजस्वी यादव ने छात्रों के आंदोलन को जायज बताते हुए कहा कि सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें लगातार गुमराह किया जा रहा है. इस दौरान उन्होंने अपने कार्यकाल का उदाहरण देते हुए शिक्षक भर्ती के पहले चरण का जिक्र किया और कहा कि उनकी सरकार के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार देने की दिशा में काम हुआ था.
उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को सिर्फ आश्वासन देने के बजाय स्पष्ट जवाब देना चाहिए. आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा है और विपक्ष उनकी मांगों को मजबूती से उठाने के लिए तैयार है.
अनुकंपा नियुक्ति और उम्र सीमा का मुद्दा भी उठेगा
तेजस्वी यादव ने कहा कि अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति और उम्र सीमा की बाध्यता खत्म करने जैसी मांगों को भी विपक्ष विधानसभा में उठाएगा. इसके अलावा हर महीने मानदेय सुनिश्चित करने और आर्थिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर भी आवाज बुलंद करने की बात उन्होंने कही.
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव से पहले महागठबंधन ने अपने घोषणा पत्र में नई नियमावली से जुड़ी मांगों को जगह दी थी. तेजस्वी का आरोप है कि मौजूदा सरकार की बातों और उसके कामकाज में अंतर दिखाई दे रहा है.
तेजस्वी यादव ने सरकार से अपील की कि वह आंदोलन कर रहे लोगों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुने. उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश होनी चाहिए और छात्रों को उनके भविष्य से जुड़े सवालों पर ठोस जवाब मिलना चाहिए.
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-भारत एक्सप्रेस
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