तेलंगाना विधानसभा के बाहर शुक्रवार को उस वक्त माहौल गरमा गया, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किसानों से जुड़े मुद्दे को लेकर ट्रैक्टर रैली निकाली. प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर लेकर विधानसभा परिसर के पास तक पहुंच गए. हालात को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी और बड़ी संख्या में जवानों को तैनात किया गया.
BJP नेताओं का यह प्रदर्शन राज्य सरकार से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को तेलंगाना में लागू करने की मांग को लेकर था. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जब नेताओं और कार्यकर्ताओं को इलाके से हटाने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई. कुछ देर के लिए विधानसभा के आसपास तनाव का माहौल बना रहा.
यह ट्रैक्टर रैली भाजपा विधायक क्वार्टर से शुरू होकर विधानसभा तक पहुंची. रैली की अगुवाई भाजपा विधायक दल के डिप्टी लीडर और आदिलाबाद से विधायक पायल शंकर ने की.
किसानों को फसल नुकसान से सुरक्षा देने की मांग
पायल शंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना देश के कई हिस्सों में किसानों को फसल खराब होने की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा देती है, लेकिन तेलंगाना के किसान इस योजना के दायरे से बाहर हैं. उनका कहना था कि भाजपा लगातार इस मुद्दे को सरकार के सामने उठा रही है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की परेशानी समझनी चाहिए और जल्द से जल्द इस योजना को राज्य में लागू करना चाहिए. भाजपा का कहना है कि फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और ऐसे समय में बीमा उनके लिए बड़ा सहारा बन सकता है.
भाजपा विधायक राकेश रेड्डी ने भी सरकार से यही मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि तेलंगाना में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू होने तक पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी. उनके मुताबिक, सरकार की जिम्मेदारी है कि वह किसानों को फसल नुकसान के जोखिम से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए.
दूसरे राज्यों में योजना का लाभ, तेलंगाना क्यों पीछे?- BJP
भाजपा के राज्य प्रवक्ता अशोक मुस्तापुरे ने कहा कि पार्टी की मुख्य मांग तेलंगाना के किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाना है. उनका दावा है कि देश के दूसरे हिस्सों में किसान इस तरह की बीमा व्यवस्था से जुड़े हैं, जबकि तेलंगाना के किसानों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है.
BJP नेताओं ने राज्य सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया. पार्टी का कहना है कि खेती में मौसम और प्राकृतिक आपदाओं का जोखिम लगातार बना रहता है. ऐसे में फसल बीमा किसानों के लिए सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि मुश्किल समय में आर्थिक सुरक्षा का जरिया भी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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