तेलंगाना विधानसभा में हंगामे को लेकर हिरासत में KTR और हरीश राव (इमेज-ANI)
Telangana Assembly Ruckus: तेलंगाना विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार को हंगामे के साथ शुरू हुआ. कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
हिरासत में लिए गए नेताओं में BRS के कार्यकारी अध्यक्ष K.T रामाराव (KTR), विधायक हरीश राव और कई अन्य नेता शामिल हैं. विधानसभा परिसर के बाहर पुलिस और BRS नेताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई.
कांग्रेस के 1 हजार दिन पूरे होने पर विरोध
दरअसल BRS विधायक कांग्रेस सरकार के सत्ता में 1,000 दिन पूरे होने के विरोध में काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन कर रहे थे. इसके बाद पार्टी नेताओं ने गनपार्क में भी प्रदर्शन किया.
KTR ने कांग्रेस सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले जनता से कई बड़े वादे किए थे, लेकिन सरकार के 1,000 दिन पूरे होने के बाद भी उन्हें पूरा नहीं किया गया.
#WATCH | Telangana | A ‘Swift Women Action Team’ (SWAT) personnel of Hyderabad City Police pulled BRS MLA Sabitha Indra Reddy’s hair while she was being detained outside the state Assembly premises.
BRS leaders were protesting against the Congress-led state government,… pic.twitter.com/ReeoUFEpeo
— ANI (@ANI) September 7, 2026
विरोध प्रदर्शन के दौरान BRS नेताओं ने विधानसभा परिसर में घुसने की कोशिश की जिसे पुलिस ने रोक दिया. इसके बाद पुलिस ने KTR, हरीश राव समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया.
BRS महिला विधायक के बाल पकड़कर ले गई पुलिस
इस दौरान एक और विवाद सामने आया. समाचार एजेंसी ANI के वीडियो में हैदराबाद पुलिस की ‘स्विफ्ट वुमन एक्शन टीम’ की एक महिला पुलिसकर्मी BRS विधायक सबिता इंदिरा रेड्डी को हिरासत में लेते समय उनके बाल खींचती नजर आ रही है. वीडियो सामने आने के बाद इस घटना को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
#WATCH | Hyderabad, Telangana | Tempers flare outside the Telangana State Assembly after BRS leaders, including Working President KT Rama Rao, MLA Harish Rao and others, were stopped by police while protesting against the state government.
They had come to attend the Assembly… pic.twitter.com/XLwaKILAc4
— ANI (@ANI) September 7, 2026
प्रदर्शन का असर विधानसभा के बाहर ट्रैफिक पर भी पड़ा. बड़ी संख्या में BRS कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के जुटने से करीब 30 से 40 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रही.
BJP ने भी विधानसभा में उठाया मुद्दा
इस मामले को लेकर भाजपा विधायकों ने भी विधानसभा में सरकार को घेरा. उन्होंने पंजीकरण अधिनियम की धारा 22ए के तहत निजी जमीनों को प्रतिबंधित सूची में शामिल किए जाने के मुद्दे पर चर्चा और न्यायिक जांच की मांग की.
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भाजपा विधायकों ने प्रश्नकाल के दौरान हाथों में तख्तियां लेकर विरोध जताया. इसके बाद वे वेल में पहुंच कर प्रदर्शन करने लगे.
-भारत एक्सप्रेस
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